बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

हाईकोर्ट ने हत्या की आरोपित महिला की सजा के खिलाफ अपील को खारिज कर दिया था। अपील में गवाहों के मृतक के रिश्तेदार होने के कारण फैसले को चुनौती दी गई थी।

रायगढ़ जिले के कापू थाना क्षेत्र के ग्राम सल्का निवासी रबन उर्फ रूबिन साय मझवार ने 23 दिसंबर 2017 की सुबह सात बजे गांव के विकलांग नोहर दास महंत की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी थी। घटना नोहर की पत्नी धनेश्वरी बाई व नातेदार प्रकाश दास के सामने हुई। सत्र न्यायालय ने आरोपित को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके खिलाफ आरोपित ने हाईकोर्ट में अपील कर कहा कि प्रत्यक्षदर्शी गवाह मृतक के नातेदार हैं। साक्ष्य अधिनियम के अनुसार स्वतंत्र साक्ष्य होना आवश्यक है। नातेदार की गवाही को नहीं माना जा सकता। अपील पर जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की डीबी में सुनवाई हुई। सुनवाई में कोर्ट ने पाया कि मृतक के नातेदार के बयान का पीएम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्य ने समर्थन किया है। उनका बयान भरोसेमंद, विश्वसनीय एवं उचित रूप से संपुष्ट है। इस कारण से नातेदार की गवाही भी किसी अन्य साक्षी की तरह उत्तम है। कोर्ट ने सत्र न्यायालय के निर्णय को यथावत रखते हुए आरोपित की अपील को खारिज कर दिया है।