बिलासपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। खूंटाघाट जलाशय से मगरमच्छ बाहर निकलने लगे हैं। रविवार को सड़क पर मगरमच्छ को देखकर ग्रामीणों के साथ-साथ राहगीरों के होश उड़ गए। इसकी सूचना वन अमले को दी गई। पर अमले को पहुंचने में घंटो लग गए, तब तक मगरमच्छ गायब हो चुका था। कुछ जलाशय में लौटने की बात कह रहे हैं तो कई आसपास होने की पुष्टि करते नजर आए। इसी जानकारी के आधार पर वन अमला देर रात तक इस क्षेत्र में मगरमच्छा ढूंढता रहा।

रतनपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत इस जलाशय में बड़ी संख्या में मगरमच्छ हैं। जिन्हें आसपास से पकड़ने के बाद छोड़ा गया है। लेकिन अब मगरमच्छ जलाशय से निकलकर सड़क आ जा रहे हैं। मेलनाडीह गांव में भी एक मगरमच्छ को इसी तरह देखा गया। जिस ग्रामीण ने सबसे पहले इसे देखा उसके होश उड़ गए।

उसने अन्य ग्रामीणों को जानकारी दी तो आसपास क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सुरक्षा के मद्देनजर मगरमच्छ को पकड़ने के लिए ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद भी मौके पर कोई नहीं आया। गांव के एक युवक ने बताया कि वन विभाग की लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी ऐसा हो चुका है।

इस स्थिति में कभी भी कोई मगरमच्छ का शिकार बन सकता है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मालूम हो कि हाल ही में एक गांव से तीन मगरमच्छों को पकड़कर यहीं छोड़ा गया था। ग्रामीण का मानना है कि मगरमच्छों को जांजगीर-चांपा जिले के कोटमीसोनार स्थित क्रोकोडायल पार्क छोड़ने की योजना बनाई जानी चाहिए, इससे क्षेत्र के रहवासियों को राहत मिलेगी।

Posted By: anil.kurrey

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