बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रेल मंडल में विंटर पैट्रोलिंग शुरू हो गई है। दरअसल इस सीजन में मौसम की वजह से पटरी सिकुड़ने का खतरा ज्यादा रहता है। इससे फ्रैक्चर भी होती है। इसके चलते किसी तरह दुर्घटनाएं न हो जाए इसलिए मैदानी अमले से 24 घंटे बीट पर निगरानी कराई जा रही है। मॉनिटरिंग के साथ अमला रिपोर्ट भी अधिकारियों को देता है।

पटरियों पर मौसम का खास प्रभाव पड़ता है। जितना खतरा बारिश में रहता है उतना ठंड के सीजन में भी होता है। इसे लेकर रेलवे संवेदनशील है। इसलिए हर सीजन में सुरक्षा के मद्देनजर पैट्रोलिंग का नियम बनाया गया। जोन में 372 बीट है ऐसे हैं जहां निगरानी की आवश्यकता है। इन बीटों में 744 पेट्रोलमैन की ड्यूटी लगाई गई है जो अलग- अलग पाली में पहुंचकर ड्यूटी के दौरान पटरियां की जांच करते हैं। रात में निगरानी करने वाले कर्मचारियों को टार्च, यूनिफार्म से लेकर अन्य संसाधन मुहैया कराया गया है ताकि वह खुद सुरक्षित रहे और ट्रेन का परिचालन भी बेहतर ढंग से हो। अमले को निर्देश है कि जरा भी खराबी नजर आती है तो सबसे पहले इसकी जानकारी कंट्रोल व संबंधित अधिकारियों के अलावा स्टेशन मास्टरों को देनी है ताकि सभी अलर्ट हो जाए और उस जगह पर ट्रेन पहुंचने से पहले नियंत्रित कर दी जाए। इस निगरानी का असर है कि अभी तक किसी तरह की कोई दुर्घटना नहीं हुई। फ्रैक्चर के एक- दो मामले ही सामने आए हैं।

ब्लॉक लेकर स्टेशन में बदले रेल

जोनल स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर बुधवार दोपहर एक घंटे का ब्लॉक लेकर रेलपाथ बदला गया। दरअसल एक हिस्से में बड़ा गेप हो गया था। हालांकि इसे क्लिप से कस दिया गया था और इससे खतरा भी नहीं था। लेकिन आगामी दिनों में इससे खतरा न हो जाए इसीलिए पहले से सतर्कता बरतते हुए यह उपाय किया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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