बिलासपुर। शुक्रवार की सुबह बेलगहना और सलका रेलवे स्टेशन के बीच ट्रैक के पास अज्ञात लाश देखकर लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इस पर पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया। मृतक की पहचान सरगुजा जिले के लुंड्रा जनपद उपाध्यक्ष और धौरपुर राजपरिवार से जुड़े वीरभद्र सिंह के रूप में की गई। इसके बाद पुलिस ने इसकी जानकारी स्वजन को देकर शव चीरघर भेज दिया है। स्वजन भी बेलगहना पहुंच गए हैं। पूछताछ में पता चला है कि वीरभद्र सिंहदेव रायपुर से अंबिकापुर लौट रहे थे। पुलिस आशंका व्यक्त कर रही है कि ट्रेन से फिसलकर गिरने से उनकी मौत हुई है।

कोटा थाना प्रभारी दिनेश चंद्रा ने बताया कि शुक्रवार की सुबह लोगों ने बेलहगना और सलका रेलवे स्टेशन के बीच गहिला नाले के पास अज्ञात शव मिलने की सूचना दी थी। इस पर पुलिस रेलवे ट्रैक के किनारे चलते हुए मौके पर पहुंची। इसके बाद शव की पहचान का प्रयास किया गया। इंटरनेट मीडिया में मृतक की फोटो वायरल होते ही उनकी पहचान लुंड्रा जनपद पंचायत उपाध्यक्ष वीरभद्र सिंह के रूप में की गई। इसके बाद घटना की जानकारी स्वजन को दी गई। शाम तक स्वजन भी कोटा पहुंच गए हैं। पूछताछ में पता चला कि वीरभद्र सिंह गुस्र्वार ट्रेन से रायपुर से अंबिकापुर जा रहे थे। शुक्रवार की सुबह जब वे अंबिकापुर रेलवे स्टेशन नहीं पहुंचे तो स्वजन उनकी तलाश करने लगे। ट्रेन में उनका सामान भी मिल गया। इसके बाद उनकी तलाश तेज कर दी गई। बाद में उनके शव मिलने की जानकारी मिली।

पोस्टमार्टम से होगा मौत का कारण स्पष्ट

कोटा थाना प्रभारी दिनेश चंद्रा ने बताया कि शव जंगल के बीच मिला है। वहां मोटरसाइकिल भी नहीं जा सकती है। इसके कारण जवान ट्रैक के किनारे पैदल चलते हुए पहुंचे। इसके बाद शव को कोटा लाया गया। पोस्टमार्टम से मौत का कारण स्पष्ट होगा। फिलहाल ट्रेन से फिसलकर गिरने के कारण उनकी मौत की आशंका है।

पुलिस ने कराई वीडियो रिकार्डिंग

घटना की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान शुरू कर दी। उनके पास मिले टिकट और पेनकार्ड मिले। इसकी फोटो को वायरल किया गया। स्वजन की जानकारी होने पर पुलिस ने घटना की जानकारी दी। साथ ही मौके पर फोरेंसिक टीम को बुलाया। इसके साथ ही पंचनामा कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।

रात 11.15 बजे तक वाट्सएप था आनलाइन

स्वर्गीय वीरभद्र सिंह सचिन के नजदीकी संबंधियों ने बताया कि गुरुवार की रात 11:15 बजे तक उनका वाट्सएप आनलाइन था। कई लोगों से उनकी बात भी हुई थी। इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। सुबह तक किसी से बात नहीं हुई। वे अपने पिता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सोमेश्वर प्रताप सिंह व दो अन्य लोगों के साथ रायपुर गए थे। पिता रायपुर में ही स्र्क गए। वीरभद्र सिंह अकेले ही अंबिकापुर लौट रहे थे।

अंबिकापुर न्यायालय में थी पेशी

वीरभद्र सिंह गुरुवार की रात ट्रेन से अंबिकापुर रवाना हुए थे। बिलासपुर में उनके किसी साथी ने ट्रेन में भोजन भी पहुंचाया था। यह भी जानकारी मिली है कि उनके पिता उन्हें रायपुर में ही रोक रहे थे पर अंबिकापुर न्यायालय में उनकी शुक्रवार को पेशी थी, इसलिए वे हड़बड़ी में निकले थे।

पत्नी और दो छोटे बच्चे रहते हैं रायपुर में

वीरभद्र सिंह सचिन के दो छोटे बच्चे हैं। पुत्र व पुत्री रायपुर में ही रह कर पढ़ाई करते हैं। अल्पायु में उनके निधन से राज परिवार में शोक का माहौल निर्मित हो गया है। उनकी पत्नी को घटना की खबर लगी तो उनका रो-रोकर बुरा हाल है। पिता सोमेश्वर प्रताप सिंह को भी गहरा आघात लगा है। वीरभद्र के एक और छोटे भाई हैं जो उनका कामकाज भी देखते हैं।

विधायक बृहस्पत सिंह से विवाद में आए थे चर्चा में

किसान कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष व लुंड्रा जनपद उपाध्यक्ष वीरभद्र सिंह सचिन गत वर्ष रामानुजगंज के विधायक बृहस्पत सिंह से हुए विवाद के बाद चर्चा में आए थे। विधायक के द्वारा थाने में मामला दर्ज कराए जाने के बाद वीरभद्र को जेल भी जाना पड़ गया था। शुक्रवार को संभवत: इसकी मामले की पेशी थी। इसके लिए वे रायपुर से अंबिकापुर आ रहे थे। हालांकि यह मामला अब शांत हो चुका था किंतु वीरभद्र सिंह इसी घटनाक्रम से चर्चा में आए थे।

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