बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

हाई कोर्ट ने साडा जमीन घोटाला मामले मे अपराध दर्ज किए जाने पर निलंबित एडीजी मुकेश गुप्ता के अग्रिम जमानत आवेदन पर बहस पूर्ण होने पर निर्णय के लिए सुरक्षित किया है।

मानिक मेहता ने निलंबित एडीजी मुकेश गुप्ता के खिलाफ जमीन घोटाले की शिकायत की है। इसमें कहा गया है कि मुकेश गुप्ता दुर्ग एसपी रहने के दौरान 1996 में भंग साडा की जमीन का अपने नाम आवंटन कराया था। जमीन आवंटन पहले कराने के बाद भुगतान किया गया। इसके अलावा ज्यादा भू खंड अपने नाम कराया है। दुर्ग पुलिस ने जांच के बाद मुकेश गुप्ता के खिलाफ अपराध पंजीबद्घ किया है। जुर्म दर्ज होने पर उन्होंने अपनी गिरफ्तारी से बचने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत आवेदन लगाया है। सोमवार को जस्टिस आरसीएस सामंत के कोर्ट में आवेदन पर अंतिम सुनवाई हुई। बहस के दौरान मुकेश गुप्ता की ओर से अधिवक्ताओं ने तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा कि सीडी कांड में सीएम बघेल की गिरफ्तारी के समय वे स्वयं उपस्थिति थे। इस कारण से उन्हें गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। शिकायतकर्ता की ओर से कहा गया कि मुकेश गुप्ता के खिलाफ अन्य मामलों में भी आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। अग्रिम जमानत दिए जाने पर वे साक्ष्य को प्रभावित कर सकते हैं। इस कारण से जमानत आवेदन को निरस्त करने की मांग की। शासन की ओर से महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा ने भी जमानत दिए जाने का विरोध किया। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आवेदन को निर्णय के लिए सुरक्षित रखा है।

कोर्ट में मुकेश गुप्ता के उपस्थित रहने की अफवाह

अग्रिम जमानत आवेदन की सुनवाई के दौरान आरोपित निलंबित एडीजी मुकेश गुप्ता के मुंह ढंककर कोर्ट में उपस्थित होने की अफवाह फैल गई थी। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट से निकलते समय कुछ लोगों ने उन्हें पहचान लिया और पकड़ने के लिए शोर मचाने लगे। वहीं हाई कोर्ट की सुरक्षा में लगे अधिकारियों ने इसका खंडन किया है। कोर्ट के अंदर कोई भी व्यक्ति चेहरा को गमछा में ढंककर अंदर नहीं आ सकता है। सभी प्रवेश द्घार में सुरक्षा कर्मी तैनात रहते हैं। पूरी जांच व नाम पता लिखने के बाद ही व्यक्ति को अंदर जाने दिया जाता है। इसके अलावा कोर्ट रूम के अंदर भी कोई चेहरा ढंककर नहीं जा सकता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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