बिलासपुर। Demand to Railway in Bilaspur: रेलकर्मियों को योद्धा घोषित करने और कोरोना से जान गंवा चुके रेलकर्मियों के स्वजनों को 50 लाख रुपये बीमा देने की मांग उठी है। श्रमिक यूनियन के केंद्रीय उपाध्यक्ष जयप्रकाश ने यह मांग की है। इसके अलावा कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जल्द से जल्द सभी कर्मचारी व उनके स्वजनों टीकाकरण करने की बात कही है।

अपने पत्र के माध्यम से उपाध्यक्ष जयप्रकाश ने कहा है कि कोरोना की पहली लहर हो या दूसरी। रेलवे के कर्मठ कर्मचारियों ने ट्रेनों का परिचालन नहीं थमने दिया। हर विभाग का अमला दिन-रात कार्यों को पूरा करने में डटे रहे। आवश्यक वस्तुओं को एक से दूसरे स्थान पर पहुंचाना हो या फिर सुरक्षित परिचालन। चालक व परिचालक बड़ी मुस्तैदी से परिचालन करते रहे।

वहीं सिग्नल विभाग के कर्मचारियों ने पटरी किनारे लगे सिग्नलों को दुरुस्त रखते हुए ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन में अहम भूमिका निभाई। इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारी पटरियों की मरम्मत तो टिकट जांच स्टाफ ड्यूटी के दौरान तमाम जगह से आने जाने वाले यात्रियों के संपर्क में आकर कर्तव्य निभा रहे हैं। सुरक्षा विभाग भी अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन कर रहा है। इसी तरह रेलवे के चिकित्सक, नर्स व पैरामेडिकल स्टाफ कोरोना संक्रमितों की सेवा कर रहे हैं।

कोरोनाकाल में करीब डेढ़ हजार रेल कर्मी अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बाद भी रेल मंत्रालय ने रेलकर्मियों के लिए नहीं सोचा और न किसी तरह से मदद मिली। हालांकि रुपये किसी की जान की मोल नहीं हो सकता पर आर्थिक मदद मिलने से उनके स्वजनों को राहत जरूर मिलेगी। जयप्रकाश का कहना है कि 50 लाख की एक मुश्त राशि देना मानवीय संवेदना को दर्शाएगा।

Posted By: sandeep.yadav

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