बिलासपुर। Anant Chaturdashi 2021: गणेशोत्सव पर 10 दिनी पूजा के अंतिम दिन रविवार को अनंत चतुर्दशी रही। इस मौके पर पूजा पंडालों में समितियों की ओर से और घरों में सपरिवार हवन-पूजन किया। इसके साथ ही भगवान गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन का दौर भी शुरू हो गया। बड़ी संख्या में आस्थावानों ने अरपा के घाटों पर प्रतिमा विसर्जन किया। यह सिलसिला सोमवार को भी जारी रहेगा।

भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर रविवार को अनंत चतुर्दशी मनाई गई। एक ओर भक्त भगवान विष्णु के निमित्त व्रत रखकर व उनकी पूजा-अर्चना में लीन रहे। अनंतसूत्र बांधा गया। वहीं दूसरी ओर भगवान गणेश की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हवन किया गया। राधा-कृष्ण मंदिर शंकर नगर के आचार्य पं.रमेश तिवारी के मुताबिक इस दिन भगवाण विष्णु और गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। व्रतियों को समस्त बाधाओं से मुक्ति मिलती है। शरीर स्वस्थ रहता है।

भगवान विष्णु को समर्पित अनंत चतुर्दशी का पर्व भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। व्रत में स्नानादि करने के बाद अक्षत, दुर्वा, शुद्ध रेशम या कपास के सूत से बने और हल्दी से रंगे हुए 14 गांठ के अनंत सूत्र को भगवान विष्णु की तस्वीर या प्रतिमा के समक्ष रखकर विधिवत पूजा अर्चना की जाती है। प्रत्येक गांठ में श्रीनारायण के विभिन्न नामों से पूजा की जाती है। ऐसा करने से सुख-समृद्धि और वैभव प्राप्त होता है। आस्थावानों ने यह प्रक्रिया विधि-विधान से पूरी की। इसके साथ ही दोपहर से भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन का दौर शुरू हो गया था।

बारिश में भी कम नहीं हुआ उत्साह

प्रशासन से मिली आंशिक छूट के तहत प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे व बैंड के साथ गाड़ियों में प्रतिमा को रखकर युवाओं ने घाट तक की यात्रा पूरी की। इस दौरान रिमझिम बारिश भी होती रही। लेकिन, यह भी उनके उत्साह को कम नहीं कर सकी। सभी नाचते-झूमते हुए पहुंचे और विसर्जन किया।

Posted By: sandeep.yadav

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