बिलासपुर। कमर की हड्डी टूटने पर सिम्स के आर्थोपेडिक वार्ड में भर्ती किए गए युवक को तीन तक प्लास्टर नहीं चढ़ाया गया। इस दौरान कोई भी डॉक्टर उसे देखने नहीं आया। मजबूर होकर मरीज को निजी अस्पताल जाना पड़ा। बाइक में सवार ग्राम खपरी पामगढ़ निवासी अशोक पटेल पिता अश्वनी पटले 24 साल 18 अगस्त की शाम सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। उसके कमर के निचले हिस्से व पैर में गंभीर चोटे आई।

देर रात उसे सिम्स लाया गया। आपातकालीन में पैर का प्राथमिक उपचार करने व जांघ की हड्डी टूटने की पुष्टि करने के बाद आर्थोपेडिक वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। मरीज को बताया गया कि आर्थोपेडिक डॉक्टर जरूरी जांच करने के बाद पैर में प्लास्टर लगाकर उपचार करेंगे।

अगली सुबह उसे देखने वार्ड में कोई भी डॉक्टर नहीं पहुंचा और न ही नर्सिंग स्टाफ ने उसकी पूछ परख की। उसी हाल में पूरा दिन बीत गया। दो दिन बीतने पर मंगलवार की सुबह मरीज के परिजन ने डॉक्टर के बारे में पूछताछ की। तब उन्हें डॉक्टर के आने का आश्वासन दिया गया। दोपहर तक उपचार शुरू नहीं होने पर मरीज व उनके परिजन का सब्र टूट गया। मजबूर होकर मरीज को निजी अस्पताल ले जाया गया।

वार्ड की खराब है हालत

सिम्स के आर्थोपेडिक वार्ड की हालत सबसे ज्यादा खराब है। वार्ड मरीजों से भरा हुआ है लेकिन डॉक्टर नहीं होने के कारण वे उपचार से वंचित हो रहे हैं। सर्जरी की आवश्यकता वाले मरीज लंबे समय से भर्ती हैं। उनकी सर्जरी के लिए डॉक्टरों के पास समय नहीं है। इसी तरह सी आर्म मशीन खराब होने के कारण भी हड्डी जोड़ने प्लेट डालने का आपरेशन बंद है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।

दवा तक नहीं दी

अस्पताल छोड़ते समय मरीज अशोक पटेल ने बताया कि डॉक्टरों को मालूम है कि उसकी हड्डी टूट चुकी है। इसके बाद भी प्लास्टर नहीं चढ़ाया गया। तीन दिन से वह दर्द से बेहाल है। बार बार मांगने पर भी उसे दर्द की दवा तक नहीं दी गई। मजबूरी में उसने बाहर से मंगवाकर दवा खाई।

- आर्थोपेडिक वार्ड की कुछ जरूरी मशीनें खराब हैं। इसलिए उपचार में कुछ समस्या आ रही है। सीमित संसाधन होने के कारण सर्जरी में समय लग रहा है। धीरे-धीरे व्यवस्था में सुधार करवाया जाएगा। - डॉ. पुनित भारतद्वाज, एमएस, सिम्स

Posted By: Nai Dunia News Network

fantasy cricket
fantasy cricket