बिलासपुर। सुसाइड लेटर लिखकर सुनियोजित तरीके से एक सप्ताह से गायब डॉक्टर प्रकाश सुल्तानिया को पुलिस ने इंदौर में पकड़ लिया है। इस बीच एक सप्ताह तक वे आसपास के इलाकों में घूम-घूमकर सत्संग का लाभ ले रहे थे। परिजन पर दबाव बढ़ा तब डॉक्टर सामने आए। पुलिस उन्हें लेकर बिलासपुर पहुंच रही है।

एसपी समेत परिजनों को लिखे पत्र में उन्होंने जमीन विवाद व भू-माफियाओं के नाम का जिक्र किया था।

पुलिस मामले में संबंधित जमीन कारोबारियों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई। जांच में पता चला कि जिस जमीन को डॉक्टर सुल्तानिया अपना मान रहे थे वह जमीन किसी और की है। इस मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार सात अगस्त को उस जमीन का सीमांकन हुआ। लेकिन डॉक्टर जानबूझकर सीमांकन में नहीं गए।

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इस बीच सीमांकन रिपोर्ट आई तब पता चला कि वह जमीन डॉक्टर सुल्तानिया की नहीं है। माना जा रहा है कि इसी के चलते डॉक्टर सुल्तानिया ने साजिश रची और सुनियोजित तरीके से सुसाइड लेटर लिखकर गायब हो गए। उनका मकसद था कि पुलिस व जिला प्रशासन हरकत में आए।

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हुआ भी वही डॉक्टर ने पुलिस व जिला प्रशासन के साथ ही मीडिया का इस्तेमाल किया। लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली। डॉक्टर सुल्तानिया को वह जमीन किसी भी हालत में मिलने वाली नहीं थी। लेकिन वे इस जमीन को अपने नाम पर लेना चाहते थे। इसलिए उन्होंने अपने ऊपर ध्यान आकर्षित करने के लिए इस तरह से सुनियोजित हथकंडा अपनाया।

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पुलिस सूत्रों का कहना है कि जो लोग लगातार थाने आकर पुलिस से इस मामले का अपडेट ले रहे थे। वही लोग पुलिस की सारी प्लानिंग को डॉक्टर सुल्तानिया तक शेयर कर रहे थे। इस मामले में उनके नजदीकी एमआर की मिलीभगत सामने आई है। साथ ही उनके भाई की भूमिका भी संदिग्ध है। माना जा रहा है कि डॉक्टर सुल्तानिया की साजिश में दोनों शामिल थे।

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