बिलासपुर। मौसम में बदलाव आने के साथ ही बीते एक सप्ताह से हो रही वर्षा ने इन्फ्लूएंजा वायरस (फ्लू) सक्रिय हो गया है। इसके लक्षण भी पूरी तरह से कोरोना वायरस के लक्षण से मिलते है। खासकर शून्य से पांच साल तक के बच्चे इससे संक्रमित हो रहे हैं और सर्दी, बुखार, खांसी उन्हें परेशान कर रही है। एक सप्ताह के भीतर ही सिम्स की शिशु ओपीडी में पहुंचने वाले बच्चों की संख्या दोगुनी हो गई है। सप्ताह भर पहले 50 से 75 के बीच बीमार बच्चे पहुंच रहे थे। वहीं, अब उनकी संख्या बढ़कर प्रतिदिन 125 से 150 तक पहुंच गई है।

हर साल बरसात के शुरुवात में विभिन्न प्रकार के हानिकारक वायरस सक्रिय हो जाते है। इसकी वजह से मौसमी बीमारीं का प्रकोप देखने को मिलता है। मौजूदा स्थिति में बदलते मौसम और लगातार हो रहा वर्षा से इन्फ्लूएंजा वायरस सक्रिय हो गया है, जो सबसे आसान शिकार शून्य से पांच साल तक बच्चों को बना रहा है। इसी वजह से बीमार होने वाले बच्चों की लगातार दिनों में संख्या बढ़ते ही जा रही है। जिसका दबाव सिम्स के शिशु ओपीडी में दिखने लगा है। ज्यादातर बच्चे बुखार, सर्दी और खांसी से ग्रसित हो रहे है। डाक्टरो के मुताबिक अभी आने वाले एक से दो सप्ताह तक इस तरह की बीमारीं चलेगी, ऐसे में बच्चो का खास ध्यान रखने की जरूरत है, क्योंकि बच्चो के माध्यम से ही बढे भी इस वायरस से संक्रमित होकर बीमार पड़ सकते है।

ओपीडी में ऐसे बढ़ रहा बीमार बच्चों की संख्या

एक जुलाई - 110

दो जुलाई - 123

तीन जुलाई - 145

चार जुलाई - 138

पांच जुलाई - 134

छय जुलाई - 153

सात जुलाई - 148

ऐसे फैलता है इन्फ्लूएंजा

संक्रमित बच्चों के खांसने से, खेलते समय बच्चों के एक दूसरे को छूने से, उनके कपड़ो को छूने से यह दूसरे बच्चों में फैल जाता है। जो बड़े ही तेज रफ्तार से फैलता है। जो बड़े और बुजर्गो को भी संक्रमित कर बीमार बना देता है। इससे संक्रमित होने के बाद ठीक होने में कम से कम सप्ताह भर का समय लगता है। जो सामान्य दवाओं से ठीक हो जाता है। लेकिन बीमार होने की अवधि कष्टदायक रहती है। यदि समय पर इलाज चालू हो जाए तो इसमे गंभीर परिणाम की आशंका बेहद कम रहती है।

Posted By: Abrak Akrosh

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