बिलासपुर। Bilaspur News: कोरोना संक्रमण काल में स्कूल बंद हो गए। इस पर फौजी के अल्फाज संस्था ने नि:शुल्क शिक्षा की पहल की। शिक्षिका ज्योति देवांगन ने 20 बच्चों को नियमित सुबह व शाम दो- दो घंटे पढ़ाया। इसे देखते हुए संस्था की ओर से शिक्षिका को सम्मानित किया गया। कोरोना के चलते स्कूल बंद हो गए। बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो गई। ऐसे में संस्था आगे आई और 20 बच्चों में शिक्षा का अलख जगाने की पहल की। कोविड-19 के सारे नियमों का पालन करते हुए बच्चों की पढ़ाई शुरू रखी।

हालांकि संस्था की इस पहल पर सहयोग देते हुए शिक्षिका ज्योति देवांगन ने बच्चों को पढ़ाने के लिए आगे आई। उनसे सहयोग मिलते ही कक्षा लगनी शुरू हुई। इस दौरान सभी बच्चे पहुंचने भी लगे। बच्चों का पढ़ाई के प्रति विशेष रूचि देखकर संस्था को लगा कि उनकी पहल सार्थक है। बच्चे पूरे मन लगाकर पढ़ने लगे। कक्षाएं सुबह व शाम दो- दो घंटे लग रही थी। दोनों समय में बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति रहती थी। इसे देखते हुए ही शिक्षिका का सम्मान किया गया।

बच्चों की पढ़ाई के साथ- साथ संस्था की ओर से कोरोना के समय में लोगो की मदद भी की। बधाांे को शिक्षा के साथ पौधरोपण, डांस, योगा, खेलकूद भी कराते रहे। इस काम के लिए बधाांे के माता- पिता ने संस्था का आभार भी व्यक्त किया। इतना ही नहीं आगे भी इस तरह के कार्यों करते रहने के लिए संस्था की हर संभव मदद करने की बात भी कही। संस्था की ओर से इस तरह की पहल आगामी दिनों में भी की जाएगी।

Posted By: sandeep.yadav

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