गौरेला। मरवाही वन मंडल के मटियाडाड़ जंगल में हथिनी ने बच्चे को जन्म दिया है। इलाके में छह दिन पहले 42 हाथियों में दल पहुंचा था। हथिनी के प्रसव के चलते दल तीन दिनों से लगातार नाका गांव के पास ही जंगल में डेरा डाले हुए हैं। इस दौरान हाथियों ने छह किसानों की फसलों को चट कर दिया है। गांव के पांच ग्रामीणों के मकानों को भी नुकसान पहुंचाया है। इसके बाद भी मरवाही रेंज आफिसर उदासीन बने हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों की सूचना लगातार मरवाही रेंज में पदस्थ दरोगा सिंह मराबी को देने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन वे किसी का फोन ही नहीं उठाते हैं।

इससे वन प्राणियों की सुरक्षा को लेकर विभाग का रवैया दिखाई दे रहा है। इसके अलावा मरवाही वन मंडल पेंड्रारोड में रेंजर और डीएफओ सहित कई पदों पर प्रभारी ही काम कर रहे हैं। इसके चलते भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मरवाही विधायक डा. केके ध्रुव मरवाही को लेमरू एलीफेंट प्रोजेक्ट में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। इस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ है। मरवाही वन मंडल के प्रभारी डीएफओ संजय त्रिपाठी हाथी मित्र दल और जमीनी स्टाफ के भरोसे ही हाथियों की समस्या से निजात पाने में लगे हुए हैं।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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