बिलासपुर। जिले के किसान मित्रों ने अलग अलग मांगों को लेकर शुक्रवार को रैली निकाली और कलेक्टर डा सारांश मित्तर को ज्ञापन सौंपा। किसान मित्रों को मानदेय, जमीन, तिफरा वाहन स्टैंड दिलवाने मांग की गई है।

किसानों ने बताया कि साल 2011-12 में किसान मित्रों का चयन किया गया रहा। तब से किसान मित्र सरकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचा रहे हैं। इससे सरकार लाभान्वित हो रही है। प्रदेश के सभी जिलों में दो पंचायत में एक किसान मित्र की नियुक्ति की गई है।

योजना के तहत विभाग के जैविक खेती भिंडी, नमूना एसआर, नलकूप खनन, बीमा योजना, काष्ट कटिंग कराना, समय-समय पर कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी देना उनके काम में शामिल है। किसानों के बीच एक कड़ी के रूप में कार्यरत हैं। इस तरह अपनी जान का परवाह किए बगैर कोविड -19 में भी आम जनता के बीच पहुंच कर केंद्र सरकार की योजनाओं को प्रदान किया इसके एवज में सरकार किसान मित्रों को 500 रुपये प्रति माह 10 रुपये रोजी के हिसाब से प्रदान किया जा रहा था। इसके बाद वेतनमान में वृद्धि की कर 23.33 रुपये के हिसाब से 1000 रुपये दिया जा रहा है। इसके बाद कोई भी खर्च व भत्ता नहीं दिया जाता है। इसके अलावा भी अन्य मांगें पूरी नहीं कि गई है। इससे किसान मित्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मानदेय नहीं बढ़ने से आर्थिक समस्या हो रही है।

आल इंडिया यूथ फेडरेशन ने जंगल बचाने मांग की

राज्य मे हसदेव अरण्य बचाने, ट्रेन संचालन के लिए और चांपा हसदेव अरण्य क्षेत्र में परसा कोल ब्लाक व परसा ईस्ट केलेवासेन क्षेत्र में पेड़ कटाई व कोयला खनन कार्य रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। आदिवासियों वनवासियों पिछड़े वंचित वर्ग के लोगों को लगातार विस्थापन उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। वृक्षों की कटाई से गर्मी बढ़ेगी, बारिश कम होगी और भूमिगत जलस्तर कम होने से स्थिति विकराल हो जाएगी। इससे आम जन जीवन अस्त व्यस्त हो जाएगी। इन ज्वलंत समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय नौजवान सभा जिला इकाई बिलासपुर द्वारा मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन रायपुर द्वारा कलेक्टर ज्ञापन सौंपकर मांग की है।

Posted By: Abrak Akrosh

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