बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

भाजपा और कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रत्याशियों की सूची जारी होते ही पार्षद पद के उम्मीदवार सबसे पहले सोशल मीडिया में सक्रिय नजर आ रहे हैं। कार्यकर्ताओं के माध्यम से फेसबुक पर बधाई का सिलसिला शुरू हो गया है। वाट्सएप गु्रप डायलॉगबाजी से लेकर पर्सनल मैसेज भेजकर अपने पक्ष में मतदान करने की अपील भी कर रहे हैं। एक दो दिनों में सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पारा और चढ़ेगा।

राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन व्यय (मीडिया प्रमाणन और अनुवीक्षण समिति गठन एवं दत्त मूल्य समाचार विनियमन) आदेश 2019 जारी कर दिया है। पहली बार नगरीय निकाय चुनाव पर विशेष नजर रखने के साथ फेसबुक, वाट्सएप, ट्विटर, मैसेंजर, इंस्ट्राग्राम, यूट्यूब आदि प्लेटफार्म में प्रचार करने पर खर्च सीधे प्रत्याशियों के खाते में जोड़ने का आदेश दिया गया है। उम्मीद थी कि इसके बाद कमी आएगी। ताजा हालात में ऐसा बिल्कुल भी नहीं लग रहा है। पार्षद प्रत्याशियों की लिस्ट जारी होते ही गली-मोहल्लों में सियासत एकदम से गर्म हो गया है। फेसबुक पर बधाई देने वालों का तांता लग गया है। उम्मीदवार भी इससे बचने कई उपाय कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं और रिश्तेदार, दोस्तों की आड़ में प्रचार शुरू कर दिया है। भाजपा के सर्वाधिक उम्मीदवार घोषित होने के कारण कतार में इनके प्रत्याशी ज्यादा सक्रिय दिख रहे हैं। वाट्सएप पर डायलॉग चल रहा है। कोई रणनीति तो कोई जीतने की अलग-अलग नसीहत दे रहा है।

राजनीतिक माहौल पर निगरानी

प्रचार-प्रसार के बीच निर्वाचन आयोग राजनीतिक माहौल पर भी निगरानी रखे हुए है। साफ कह दिया है कि पार्षद प्रत्याशियों को 30 दिनों के भीतर अपने खर्च का ब्योरा देना होगा। यदि ऐसा नहीं किया तो आयोग के पास कार्रवाई करने का अधिकार होगा। खर्च की जानकारी नहीं देने वाले पार्षद प्रत्याशियों के चुनाव लड़ने पर रोक भी लगाई जा सकती है। बावजूद इसके सोशल मीडिया में जश्न का माहौल दिख रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network