बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि) बिलासपुर में वर्ष 2019 के विराट अपहरण कांड के सभी आरोपियों को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। छह साल के मासूम विराट के अपहरण के मामले में पुलिस ने बालक की चचेरी बड़ी मां समेत पांच अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। शहर के इस बहुचर्चित मामले में तीन साल बाद फैसला आया है।

अप्रैल 2019 में सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाले व्यवसायी विवेक सराफ के छह वर्षीय पुत्र विराट सराफ देर शाम अपने घर के पास खेल रहा था। उसी समय कार सवार अपहरणकर्ताओं ने विराट को अगवा कर लिया। इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने विराट के पिता से छह करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। अपहरण के इस केस में पुलिस छह दिनों तक आरोपित की तलाश करती रही। सातवें दिन विराट को पुलिस ने जरहाभाठा इलाके के एक मकान से सुरक्षित बरामद कर सभी अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने गोंड़पारा निवासी नीता सराफ, विशाल उर्फ हरेकृष्णा राय निवासी भोजपुर के फुलहरा बिहार, सतीश शर्मा निवासी रतनपुर, अनिल सिंह निवासी यदुनंदन नगर तिफरा स्थाई निवासी धमतरी, राजकिशोर सिंह निवासी रिंग रोड-2 पन्ना नगर सिविल लाइन स्थाई निवासी छपरा बिहार को सजा सुनवाई है।

करीबियों के शामिल होने का शक निकला सच

पुलिस की जांच में पता चला अपहरण के बाद से उसके घर की हर गतिविधि की जानकारी अपहरणकर्ताओं को मिल रही थी। इससे पुलिस को शक हुआ कि वारदात में कोई करीबी व्यक्ति शामिल है। आखिरकार, पुलिस का शक सही निकला और जांच में सामने आया कि अपहरण की साजिश विराट की चचेरी बड़ी मां नीता सराफ ने रची थी। वह अपने परिचित अनिल के साथ अपहरणकर्ताओं से मिली और योजना के अनुसार वारदात को अंजाम दिया।

फैसला आते ही कोर्ट में चक्कर खाकर गिरी महिला

शुक्रवार को इस मामले में प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार जायसवाल ने फैसला दिया। चार आरोपित नीता सराफ, अनिल सिंह, हरे कृष्ण राय और सतीश शर्मा कोर्ट में ही मौजूद थे। आजीवन कारावास में सजा मिलने पर पता चलने ही नीता को चक्कर आ आया और वह गिर पड़ी। पुलिसकर्मियों ने उसे संभाला और पानी पिलाया। तब महिला को होश आया।

जगदलपुर जेल में बंद है एक आरोपित राजकिशोर सिंह

अपहरण के इस मामले के आरोपित राजकिशोर सिंह जरहाभाठा में रहता था। उसने ही विराट का अपहरण किया था। पुलिस ने सात दिन बाद विराट को राजकिशोर के जरहाभाठा स्थित मकान से मुक्त कराया था। बाद में राजकिशोर सिंह जेल से फरार हो गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जगदलपुर जेल में रखा। तब से वह जगदलपुर के जेल में बंद है।

पुलिस टीम ने काफी मेहनत की थी: आइपीएस मीणा

मामले में फैसला आने के बाद तत्कालीन एसपी अभिषेक मीणा ने कहा कि अदालत के फैसले से संतुष्टि मिली है। विराट की सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस टीम ने काफी मेहनत की थी और उसके बाद विराट को सुरक्षित स्वजन को सौंपा था। इस फैसले से छतीसगढ़ में इस तरह के अपहरण व सुपारी लेकर काम करने वालों के हौसले पस्त होंगे।

पिता बोले- इस दिन का था इंतजार

विराट के पिता विवेक सराफ फैसले के वक्त कोर्ट में मौजूद थे। कोर्ट का फैसला आने के बाद उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी। उन्होंने कहा कि घटना याद कर आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं। इस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था। उनकी जैसी उम्मीद थी, आरोपियों को वैसी ही सजा मिली है।

दोषियों को सजा मिलने की खबर सुनकर बहुत खुशी मिली

विराट की मां नीशा सराफ ने कोर्ट के फैसले पर कहा कि विराट का अपहरण करने वालों को सजा मिलने खुशी हुई। बिलासुपर की आम जनता, पुलिस प्रशासन और कोर्ट का शुक्रिया करती हूं। सभी के दुआ से हमारा बेटा सुरक्षित है।

Posted By: Abrak Akrosh

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