बिलासपुर। आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में शहर के अंदर 8 हजार 360 औषधीय पौधे का वितरण किया गया। आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में ‘औषधीय पौधों का ज्ञान - स्वस्थ जीवन की पहचान’ अभियान चलाया गया। जिसके तहत बिलासपुर के संजीवनी मार्ट परिसर में औषधीय पौधों का निश्शुल्क वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन परंपरागत ज्ञान एवं वनौषधि विकास फाउंडेशन एवं वन मंडलाधिकारी वन मंडल बिलासपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

परंपरागत ज्ञान एवं वनौषधि विकास फाउंडेशन द्वारा मुख्यतः दो लाख औषधीय पौधे तैयार किए गए हैं। जिनमें गिलोय, अडूसा, स्टीविया, गुड़मार, सतावर, आंवला, पत्थर चट्टा, तुलसी, निर्गुणी, ब्राम्ही, मंडूपपर्णी, हल्दी, कपूर कचरी, बच आदि शामिल हैं। छत्तीसगढ़ शासन की मंशानुरूप परंपरागत ज्ञान आधारित चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने एवं संजीवनी मार्ट द्वारा उत्पादित हर्बल औषधियों के प्रचार-प्रसार एवं औषधीय पौधों के प्रति जन जागरुकता लाने के लिए पारंपरिक वैद्यों के माध्यम से आम जनता के लिए यह कार्यक्रम स्वतंत्रता दिवस के दिन रखा गया।

कार्यक्रम के तहत पर्यटन मंडल अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव एवं नगर निगम बिलासपुर महापौर रामशरण यादव, जिला पंचायत बिलासपुर अध्यक्ष अरूण सिंह चौहान कृषि सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रमोद नायक ने हर्बल रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। तत्पश्चात बिलासपुर विधायक शैलेश पांडेय द्वारा लोगों को औषधीय पौधों का वितरण किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के अंतर्गत एक हजार 236 लोगों को 8 हजार 360 औषधीय पौधों का वितरण किया गया।

इस अवसर पर वन मंडलाधिकारी कुमार निशांत वन मंडल बिलासपुर के अलावा वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं स्थानीय पारंपरिक वैद्य अवधेश एवं अन्य वैद्यों द्वारा संजीवनी में पारंपरिक रूप से औषधि के माध्यम से उपचार के लिए जागरूक किया गया। यह जानकारी परंपरागत ज्ञान एवं वनौषधि विकास फाउंडेशन संचालक निर्मल अवस्थी ने दी। मालूम हो कि कोरोना काल मे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली औषधियो व अन्य चीजों की मांग बढ़ी है।

खासकर गिलोय,अश्वगंधा समेत अन्य वनों औषधियां की पूछ परख है इसे देखते हुए ही वन विभाग के द्वारा औषधियां उपला उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इन पौधों को बांटने की योजना बनाई गई इन पौधों की खासियत यह है कि लोग इन्हें गमले में लगा सकते हैं इससे उन्हें ताजी औषधियां प्राप्त हो जाएंगी। इसके लिए उन्हें इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा वन विभाग का यह भी कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर आने वाले दिनों में और भी पौधे बांटे जाएंगे। कार्यक्रम को सफल आयोजित कराने में राजेश शर्मा, निश्चल अवस्थी, गुंजन यादव एवं संजीवनी मार्ट के सीनियर एज्युकेटिव संजय चौबे आदि की सराहनीय भूमिका रही।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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