बिलासपुर। कोटा विकासखंड में स्थित बेलगहना वन विभाग परिक्षेत्र में वनविभाग के बेरियर में भवन की हालत जर्जर है। कर्मचारी जान जोखिम में रहने के लिए विवश है। इसकी जानकारी अधिकारियों को है इसके बाद कार्रवाई नहीं की जा रही है।

बेलगहना से कोटा मुख्य मार्ग में ग्राम केकराडीह में संचालित बैरियर भवन की शिकायत यहां के कर्मचारियों ने कई बार किया परंतु जर्जर भवन की सुध नहीं जी जा रही है। प्रतिदिन जंगल में लकड़ी तस्करों की जांच के लिए तीन से चार वनविभाग के कर्मचारी जर्जर भवन में रहकर ड्यूटी कर रहे हैं। बैरियर में ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि बारिश के साथ-साथ बादल के गर्जने से जर्जर भवन हिलने भी लगता है। जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा जर्जर भवन को डिस्मेंटल कर भवन निर्माण के लिए कई बार आवेदन कर चुके हैं। अब तक सुध नहीं ली गई है इस संबंध में डीएफओ कुमार निशांत का कहना है भवन के लिए प्रस्ताव भेजा गया है बजट आने के बाद कार्य चालू किया जाएगा।

जिले में किसान धान के बदले अन्य फसल लेकर लाभ उठाएं

मुंगेली कलेक्टर राहुल देव ने लोरमी विकासखंड के ग्राम लगरा पहुंचकर प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति का आकस्मिक निरीक्षण किया। कलेक्टर देव ने किसानों से चर्चा कर उन्हें धान के बदले अन्य फसल लेने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने इसके लाभ के बारे में बताया उन्होंने कहा कि किसानों को खाद-बीज की समस्या नहीं होनी चाहिए। एसपी चंद्रमोहन सिंह, अपर कलेक्टर तीर्थराज अग्रवाल, सीईओ डीएस राजपूत भी इस अवसर पर उनके साथ मौजूद थे। कलेक्टर ने वहां उपस्थित पंजीकृत किसानों से चर्चा की। इस दौरान ग्राम लगरा के किसान सोहन ने कलेक्टर को बताया कि वे लगभग ढाई एकड़ जमीन पर खेती-किसानी करते हैं। उन्हें ग्राम के प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति से 10 बोरी खाद प्राप्त हुआ है। उन्हें समिति से खाद लेने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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