बिलासपुर। Bilaspur News: जिला पंचायत के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार की अनुशंसा से देश में पहली बार मनरेगा का फंड आत्मनिर्भर भारत के मद में परिवर्तित किया गया है। इसी के तहत मरवाही के सुदूर वनांचल के ग्राम ठारपथरा व आमानाला के वन अधिकार पट्टाधारी वनवासी अब चाय की खेती करेंगे। स्वावलंबी बनाने के लिए मनरेगा के तहत 72 वनवासियों का चयन किया गया है।

72 एक ड के क्षेत्रफल में चाय बागान तैयार करने के लिए दो करो ड 16 लाख स्र्पये स्वीकृत किए गए हैं। मनरेगा फंड का उपयोग चाय बागान विकसित करने में किया जाएगा। इसकी पूरी मानिटरिंग जिला पंचायत करेगी। दरअसल जो 72 वनवासी परिवार बागान विकसित करने का काम करेंगे उन्हें मजदूरी की राशि मिलेगी और बाद में वही प्रशिक्षित होकर बागान का प्रबंधन भी संभालेंगे।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के सुदूर वनांचल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना आत्मनिर्भर भारत योजना की झलक दिखाई देगी। वनांचल में रहने वाले वनवासी अब चाय की खेती करेंगे। ठारपथरा और आमानाला के आसपास की जमीन और यहां की जलवायु को चाय बागान के लिए उपयुक्त माना गया है। यहां केंद्र सरकार की दो अति महत्वाकांक्षी योजना का एक साथ क्रि यान्वयन किया जा रहा है।

72 वनवासियों को वन अधिकार पट्टा दिया गया है। अब 72 एकड़ जमीन पर चाय बागान विकसित किया जा रहा है। सभी 72 वनवासियों का समूह बनाया गया है। ये सभी चाय की खेती करेंगे। बागान विकसित करने में मनरेगा फंड का उपयोग किया जा रहा है। 72 वनवासी परिवार ही यहां मजदूरी करेंगे। जब बागान तैयार हो जाएगा तब उद्याानिकी के विशेषज्ञ अधिकारियों की देखरेख में खेती शुरू की जाएगी। उद्यानिकी के वरिष्ठ विज्ञानी वनवासियों को प्रशिक्षित करेंगे। जब ये प्रशिक्षित हो जाएंगे तब बागान इनके हवाले कर दिया जाएगा।

उत्पादन, प्रसंस्करण और पैकेजिंग भी होगी

चाय बागान में चायपत्ती के उत्पादन और प्रसंस्करण के साथ ही पैकेजिंग का कार्य भी स्थानीय स्तर पर करने की योजना बनाई गई है। युवाओं को प्रसंस्करण और पैकेजिंग के व्यवसाय में लगाकर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

इन्होंने कहा

आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत ठारपथरा और आमानाला के 72 वनवासियों की जमीन पर चाय बागान विकसित किया जा रहा है। बागान तैयार होते ही उसे वनवासियों के हवाले कर दिया जाएगा। चाय की खेती के लिए मनरेगा फंड से राशि स्वीकृत की गई है।

डोमन सिंह-कलेक्टर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही

Posted By: anil.kurrey

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