बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)।Forest News Bilaspur: अचानकमार टाइग रिजर्व से लाई घायल बाघिन का स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए मध्य प्रदेश स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड के सदस्य डा. एबी श्रीवास्तव दो अगस्त को जबलपुर से कानन पेंडारी जू पहुंचेंगे। इस दौरान अवलोकन समिति के सदस्य डा. पीके चंदन भी रहेंगे। जांच के दौरान डा. श्रीवास्तव बताएंगे कि बाघिन की स्थिति कैसी है। आठ जून को बाघिन छपरवा रेंज में घायल मिली थी। पीठ व गर्दन के पास गहरा जख्म तो भर गया है लेकिन पैर की परेशानी अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुई है। जू में उपचार चल रहा है। इसके साथ ही सात सदस्यों की एक अवलोकन टीम भी बनाई गई है। टीम के सदस्य समय-समय पर जांच भी करते हैं।

पूर्व में जब परीक्षण किया गया था उस समय यह बाघिन लंगड़ाकर ही चल रही थी। इसलिए उस समय यह तय नहीं हो सका कि इसे जंगल छोड़ना है या जू में ही रखना है। हालांकि यह जिम्मेदारी अवलोकन समिति को ही सौंपी गई है। इसके लिए पूर्व भारतीय वन्य संस्थान से डा. पराग निगम आए थे। इसके बाद ही कोई भी विशेषज्ञ नहीं पहुंचे हैं। इसे देखते हुए डा. श्रीवास्तव बिलासपुर आ रहे हैं।

उनका दौरा कार्यक्रम तय हो गया है। वे दो दिन बिलासपुर में रहेंगे। इस दौरान उनके सहयोग के लिए पशु चिकित्सा विभाग के डा. पीके चंदन रहेंगे। यदि किसी दवा की आवश्यकता होगी या फिर पूर्व में दी जा रही दवा में बदलाव की जरूरत पड़ेगी तो डा. श्रीवास्तव की ओर से सुझाव दिया जाएगा। जू प्रबंधन की माने तो बाघिन रजनी को वापस जंगल छोड़ना फिलहाल उचित नहीं है। वह शिकार कर पाने में अभी सक्षम नहीं है।

बाइसन को लेकर मांगेंगे सुझाव

बिलासपुर वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत का कहना है कि डा. श्रीवास्तव बाघिन के साथ-साथ चार बाइसन को भी देखेंगे। इसके लिए उनसे निवेदन किया जाएगा। उन्हें लगातार हो रही बाइसन की मौत की घटना से अवगत कराया जाएगा। इसकी वजह को लेकर उनसे सुझाव मांगेंगे।

Posted By: anil.kurrey

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