बिलासपुर। शावक के अंतिम संस्कार के समय बाघिन की दहाड़ सुनाई देने पर वन अफसरों के पसीने छूट गए। जान बचाने के लिए सभी आनन-फानन में वाहन में बैठे और भाग निकले। माना जा रहा है कि अपने शावक को बाघिन ढूंढ रही है। उसकी तलाश में अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंच चुकी थी या आसपास रही होगी। घटना की पुष्टि वन के अफसरों ने की है।

अचानकमार टाइगर रिजर्व से लगे वन विकास निगम के वनक्षेत्र में शावक की लाश मिली थी। उसका शुक्रवार को घटना स्थल पर ही अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले पोस्टमार्टम भी हुआ। शव को जलाने के बाद पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ, सीसीएफ समेत कुछ अफसर लौट गए। वहीं बिलासपुर, वन विकास निगम व मुंगेली वनमंडल के डीएफओ एवं अचानकमार-अमरकंटक बायोस्फिेयर रिजर्व के संचालक शव पूरी तरह जलने तक इंतजार करते रहे। इस दौरान वनकर्मी और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के स्टाफ मौके पर ही खड़े थे।

कुछ वनकर्मी आसपास के क्षेत्र में छानबीन कर रहे थे। अफसर आपस में चर्चा कर रहे थे। दोपहर करीब एक बजे तीन से चार बार दहाड़ सुनाई दी। दहाड़ इतनी नजदीक थी कि अधिकारियों को लगा बाघिन 50 मीटर की दूरी पर है। पूरा माजरा समझ आ गया कि वह बाघिन ही हो सकती है और शावक को ढूंढ रही है। हालांकि अफसरों ने दहाड़ को सुनकर एक मिनट भी देरी नहीं की और सभी को वाहन में बैठने के लिए कहा गया। इसके बाद सभी चले गए। वनकर्मियों को भी स्पष्ट निर्देश है कि पूरी सावधानी के साथ जंगल की सर्चिंग करें।

लगाए गए 19 कैमरे

घटना स्थल का मुआयना करने पर वन अमले को आसपास बाघ व बाघिन दोनों के पंजों के निशान मिले हैं। इससे माना जा रहा है कि इस क्षेत्र में बाघों का मूमेंट है। यही वजह है कि निगरानी के लिए अलग-अलग जगहों पर मिलाकर 19 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। इसके सामने से गुजरने पर तस्वीर कैद हो जाएगी। बाघिन के साथ और भी शावक हैं या नहीं, इसकी भी पुष्टि हो जाएगी।

नोटिस के साथ निलंबन की कार्रवाई करने की तैयारी

इस मामले में वन विकास निगम व अचानकमार टाइगर रिजर्व प्रबंधन दोनों कुछ कर्मचारियों व अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की तैयारी में हैं। इसके बाद निलंबन की कार्रवाई भी तय मानी जा रही है। हालांकि कार्रवाई की गाज किस पर गिरेगी, यह अभी साफ नहीं हुआ है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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