बिलासपुर।Bilaspur Crime News: राज्य विधिज्ञ परिषद के पूर्व अध्यक्ष, सचिव व सदस्य पर पटवारी संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष व वकील ने दो लाख स्र्पये की अवैध उगाही का आरोप लगाया है। उन्होंने बतौर प्रमाण वीडियो व वाइस रिकार्डिंग भी प्रस्तुत किया है। इस पूरे मामले की शिकायत उन्होंने विधिज्ञ परिषद, महाधिवक्ता के साथ ही आइजी-एसपी व चकरभाठा थाने में दर्ज कराई गई है।

संतोष कुमार पांडेय पूर्व में पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष थे। उन्होंने बताया कि 20 साल राजस्व विभाग में सेवा देने के बाद 15 सितंबर 2017 को तीन माह पूर्व नोटिस देकर उन्होंने 31 दिसंबर 2017 से स्वैच्छिक सेवानिवृत्त ले लिया। लेकिन इसका औपचारिक आदेश बिलासपुर कलेक्टर ने जारी नहीं किया। इसके बाद उन्होंने वकालत करने अधिवक्ता पंजीयन कराने के लिए आवेदन दिया।

नामांकन समिति के द्वारा पंजीयन स्वीकार करने के बाद उन्होंने वकालत शुरू कर दी। इस बीच 16 जून 2020 को किसी राजेन्द्र कुमार एवं 21 दिसंबर 2020 को उमेश बंजारे द्वारा उनके खिलाफ स्टेट बार काउंसिल में शिकायत की गई। इसमें बताया गया कि संतोष पांडेय विभाग की सेवा में है और भत्ता वगैरह ले रहे हैं। इसके साथ ही वकालत भी कर रहे हैं।

इस शिकायत पर 21 जुलाई 2020 को उन्हें नोटिस जारी किया गया। इसके जवाब में उन्होंने इसे विभाग की गलती बताया। वकील पांडेय का आरोप है कि सामान्य सभा में बिना जांच के भरत लोनिया, चन्द्र प्रकाश जांगड़े, प्रभाकर चंदेल, अमित कुमार वर्मा द्वारा बिना पूर्व एजेंडा के आपराधिक षड़यंत्र कर उनके खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव पारित कर दिया गया।

फिर अध्यक्ष प्रभाकर चंदेल ने उनके खिलाफ कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया। इस आदेश को वापस लेेने के लिए आवेदन पत्र प्रस्तुत किया। तब उन्हें धमकी देकर रकम की मांग की गई। उन्होंने 60 हजार स्र्पये परिषद कार्यालय में दिए। फिर बाद में 45 हजार रुपये की और मांग की गई। जब उन्हें आदेश की फोटोकापी दी गई, तब फिर से स्र्पयों की मांग की गई। वकील पांडेय ने इस पूरे मामले की शिकायत हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस, महाधिवक्ता व स्टेट बार से की है।

षड़यंत्र कर फंसाया जा रहा है, वकील पांडेय को बनाया मोहरा: चंदेल

पूर्व अध्यक्ष प्रभाकर चंदेल का कहना है कि स्टेट बार काउंसिल के कार्यकाल को विवादित बनाया गया, इसकी जानकारी सभी को है। शिकायकर्ता वकील पांडेय पर जो आरोप लगे हैं उसकी जांच हुई है। फिर भी उसके आग्रह करने पर उनकी मदद की जा रही थी।

अब वे जो भी रिकार्डिंग प्रस्तुत कर रहे हैं वह सब षड़यंत्र के तहत है। उसके पीछे कौन है यह भी सभी को पता है। वकील पांडेय को इस षड़यंत्र में मोहरा बनाया जा रहा है। फिर भी मेरा दावा है कि रकम लेनदेन की रिकार्डिंग में मेरा नाम नहीं होगा। उनका पूरा मैसेज भी मेरे वाट्सएप पर है। हम सभी तरह की जांच के लिए तैयार हैं।

इन्‍होंने कहा

इस मामले की शिकायत मिली है। टीआइ को जांच के लिए निर्देशित किया गया है। जांच में साक्ष्य पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशांत अग्रवाल, एसपी

Posted By: anil.kurrey

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