बिलासपुर। प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार गरीबों का हक छीनने का काम कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले सात लाख 60 हजार मकानों को भी बनवाना नहीं चाहती है। इसी वजह से इसके निर्माण के लिए केंद्र द्वारा 60 प्रतिशत राशि देने के बाद भी राज्य सरकार ने 40 प्रतिशत राशि देने से मना कर दी है। साफ है कि राज्य की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। प्रदेश चलाने के लिए सरकार के पास पैसे ही नहीं हंै। यह बातें प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ भवन में पत्रवार्ता के दौरान कही।

पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने कहा कि पिछले दिनों केंद्र के अधिकारियों ने प्रदेश सरकार को साफ कर दिया है कि प्रदेश में प्रधानमंत्री योजना अंतर्गत सात लाख 60 हजार मकान गरीबों के लिए बनाना था। पर राज्य सरकार अपने हिस्से की राशि नहीं दे पा रही है। ऐसे में राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनना मुमकिन नहीं है।

इन मकानों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार 11 हजार करोड़ रुपए प्रदेश सरकार को देने वाली थी जो अब नहीं मिलेगा। सीधे तौर पर गरीबों का नुकसान किया जा रहा है। केंद्र की योजना है कि 2022 तक प्रदेश के सभी लोगों को पक्के मकान मिल जाए। भूपेश सरकार के कारण जिनका निर्माण शुरू भी कराया जा चुका था वे भी अधूरे रह गए हंै। ऐसे में प्रदेश को 17 लाख से अधिक मकानों का नुकसान हो रहा है।

शराब ठेकेदारों को रेडी टू इट की कमान

डा. रमन सिंह ने बताया कि कांग्रेस सरकार कमीशन का खेल खेल रही है। वर्ष 2017 में रेडी टू ईट को महिला स्व.सहायता समूह को दिया गया था और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया। लेकिन, अब इसे महिलाओं से छीनकर महाराष्ट्र और हरियाणा के शराब ठेकेदारों को ठेके पर दिया जा रहा है। इस योजना से वर्तमान में 20 हजार से अधिक महिलाओं को रोजगार मिला है। वे अब बेरोजगार हो जाएंगी।

बारदाने खरीद नहीं पाई, पूरी तरह से प्रभावित होगी धान खरीदी

डा. रमन ने एक सवाल के जवाब में कहा कि मैं 15 साल मुख्यमंत्री था, लेकिन आज तक बारदाने की कमी नहीं हुई। एक से डेढ़ साल में ही कांग्रेस सरकार हांफने लगी। अब किसानों से कह रही है कि आप अपना बारदाना लाओ हम पैसा देंगे। बारदाना पश्चिम बंगाल में बनता है। इसके लिए जूट विभाग के माध्यम से छह महीने पहले आर्डर देना होता है। लेकिन, राज्य सरकार के एडवांस पैसा देती नहीं है। ऐसे में समय पर बारदाना नहीं मिल पाता है। इसी वजह से इस बार की धान खरीदी भी पूरी तरह से प्रभावित होगी।

पूर्व सासंद के घर पहुंचे

अपने अल्प प्रवास के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन पूर्व सासंद रहे स्व. गोविंद राम मिरी के बड़े पुत्र स्व. संजय मिरी के निधन होने के बाद शोक संवेदना के लिए स्थानीय राजेंद्र नगर स्थित उनके आवास में पहुंचे। इसके बाद छत्तीसगढ़ भवन में पहुंचे और अन्य कार्यक्रमों में शामिल होकर रायपुर रवाना हो गए। डा. रमन सिंह के बिलासपुर प्रवास के दौरान उनके साथ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व सासंद लखल लाल साहू, विधायक रजनीश सिंह, भूपेंद्र सवन्न्ी, रामदेव कुमावत, मनीष अग्रवाल के साथ पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

Posted By: sandeep.yadav

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