बिलासपुर । पूर्व आइएएस व भाजपा नेता ओपी चौधरी को हाई कोर्ट से राहत मिल गई है। हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने राज्य शासन द्वारा कमिश्नर ऑफ इंक्वायरी एक्ट के तहत बनाई गई एक सदस्यीय जांच कमेटी की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। भाजपा नेता ओपी चौधरी के खिलाफ राज्य सरकार ने कमिश्नर ऑफ इंक्वायरी एक्ट के तहत एक सदस्य जांच कमेटी का गठन कर सीके खेतान को जाँच का जिम्मा सौंपा था।

दंतेवाड़ा कलेक्टर रहे ओपी चौधरी पर आरोप लगाया गया था कि जमीन के अदला बदली की कार्रवाई के दौरान उन्होंने नियमों की अवहेलना की थी । हाई कोर्ट ने इस मामले में पूर्व में दायर रिट याचिका की सुनवाई करते हुए आदेशित किया था कि राज्य सरकार चाहे तो मामले की जांच करा सकता है। इस आदेश के परिपालन में राज्य सरकार ने आदेश जारी किया था। भाजपा नेता चौधरी ने हाई कोर्ट में जांच कमेटी को चुनौती दी थी।

मामले की सुनवाई जस्टिस पी सैमकोशी के सिंगल बेंच में हुई । मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस कोशी ने राज्य सरकार की सीके खेतान की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा की जा रही जांच की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई के लिए सिंगल बेंच ने छह नवंबर की तिथि निर्धारित की है।

राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहे चौधरी

गौरतलब है कि ओपी चौधरी ने रायपुर कलेक्टर रहते हुए विधानसभा चुनाव के पहले आइएएस की नौकरी से इस्तीफा दिया था। उसके बाद उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सामने भाजपा की सदस्यता ले ली थी। राजनीति में कदम रखते ही चौधरी को विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका भी मिल गया था। भाजपा ने उन्हें कांग्रेस के गढ़ खरसिया से प्रत्याशी बनाया था, लेकिन चौधरी की किस्मत ने साथ नहीं दिया और वे लगभग 17 हजार वोट से चुनाव हार गए थे। चुनाव हारने के बाद चौधरी शांत नहीं बैठे। उन्होंने बस्तर समेत प्रदेश के दूसरे इलाकों का दौरा किया। अभी भाजपा की चुनावी गतिविधियों में सक्रिय हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network