बिलासपुर।(जांजगीर-चांपा)। Bilaspur News: जांजगीर—चांपा जिला मुख्यालय को चांपा, अकलतरा, बलौदा सहित आसपास ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने के लिए लगभग पांच साल पहले 10 बसों के परिचालन की अनुमति देते हुए परमिट भी जारी किया गया था, मगर ठेकेदार की मनमानी व विभागीय उदासीनता के चलते दस में से चार बसें पांच साल में सड़क पर पांच किलोमीटर भी नहीं चली और टर्मिनल में खड़े—खड़े ही कबाड़ हो गई। केवल छह बसें ही सड़क पर नजर आई। वहीं अब ठेका अवधि भी अब समाप्त हो चुका है।

राज्य शासन द्वारा नवंबर 2015 के पहले सप्ताह में सिटी बस सेवा का शुभारंभ किया गया। जिले में 10 बसें आई थी और सभी बसों का परमिट कार्यालय सचिव क्षेत्रिय परिवहन अधिकारी द्वारा जारी किया गया था। इन बसों के परमिट में फेरों का भी उल्लेख था। इसके अनुसार बसों का दिन भर में चार से पांच फेरा लगना था मगर अकलतरा से शिवरीनारायण ह्वाया पामगढ़, शिवरीनारायण से अकलतरा, बलौदा से चांपा, चांपा से अकलतरा और नैला से चाम्पा तक सिर्फ पांच बसों का संचालन किया जा रहा था।

हालांकि लाकडाउन के चलते राज्य शासन के निर्देश पर 19 मार्च को आदेश जारी कर सभी सेवाएं बंद कर दी गई थी। लाक डाउन समाप्त होने के बाद एक बार फिर राज्य शासन द्वारा नियम व शर्तों के अनुसार सिटी बस सेवाएं प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए । मगर बसें सड़क पर नहीं आ सकी और पांच साल का ठेका भी समाप्त हो गया।

जिन मार्गों पर दो-दो बसें चलनी थी उन पर चलाई एक-एक बसें

जिला मुख्यालय को अन्य नगरीय निकायों सहित ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ जिलेवासियों को नहीं मिल पा रहा है। अब भी बसें धूल खाती पड़ी है। जिन मार्गों पर दो-दो बसें चलनी थी उन मार्गों पर एक - एक बस ही चलाई गई। जब से जिले में सिटी बस की शुरूआत हुई है तब से सही ढंग से सभी बसें एक भी दिन नहीं चल पाई है। ज्यादातर बसें भी अब खटारा हो रही है। शासन द्वारा लाखों रुपये खर्च कर खरीदी गई बसें लोगों के काम की नहीं रही और जिस मकसद से सिटी बस सेवा की शुरूआत की गई थी वह मकसद भी पूरा नहीं हो सका।

बिना उपयोग के ही हो गई बसें कबाड़

जिला मुख्यालय सहित आसपास नगरीय निकाय को आपस में जोड़ने के लिए छह साल पहले अरबन ट्रांसपोर्ट सोसायटी द्वारा सिटी बसों का संचालन शुरू किया गया था। जिले को इसके तहत दस बसें मिली थी लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते नवंबर 2015 से लेकर अब तक चार बसें नैला स्थित टर्मिनल में ही खड़ी रही। चारों बसों को चलाने के तरपु न जिला प्रशासन ने कोई ध्यान दिया और न ही जनप्रतिनिधियों ने कोई कोशिश की। चारों बसें टर्मिनल में खड़े-खड़े ही कबाड़ हो गई।

इन्होंने कहा

सिटी बस संचालक को नोटिस दिया गया है। एक सप्ताह के भीतर जवाब देने समय दिया गया है। परमिट समाप्त होने की जानकारी नहीं है।

यशवंत कुमार यादव

जिला परिवहन अधिकारी जांजगीर—चांपा

Posted By: anil.kurrey

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस