बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। चकरभाठा पुलिस ने आनलाइन महादेव और अन्नारेड्डी सट्टा चलाने वाले गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इसमें इंजीनियर समेत पढ़े-लिखे लोग शामिल हैं। इनके कब्जे से चार लाख स्र्पये नकद, दो लैपटाप, 16 मोबाइल, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पास बुक और बैंक की जमा पर्ची जब्त की गई है। आरोपित से पूछताछ और बैंक डिटेल के माध्यम से दो सौ अधिक लोगों के इस कारोबार में जुड़े होने की जानकारी मिली है। पुलिस इसकी तस्दीक करा रही है।

एसपी पास्र्ल माथुर ने बताया कि जिले में आनलाइन सट्टे के कारोबार की जानकारी मिली थी। इस पर सभी थाना प्रभारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसी बीच पता चला कि सट्टे के कारोबारियों ने चकरभाठा क्षेत्र में अपना ठिकाना बनाया हुआ है। चकरभाठा पुलिस और एसीसीयू की टीम को इसकी जांच के निर्देश दिए गए। इस दौरान पता चला कि पेंड्रा के सुराजी भर्रा में रहने वाला शैलेष जायसवाल(30) जिले में इसकी कमान संभाल रहा है। आरोपित इलेक्ट्रीकल इंजीनियर है।

वहीं, विकास कर्ष(29) निवासी घुड़देवा बांकीमोंगरा जिला कोरबा, राहुल धीरही(22) निवासी अकलतरा व सोना कुमार मरावी(33) निवासी पोड़ी सिरगिट्टी भी इनके गैंग में शामिल हैं। पुलिस ने इनके ठिकाने पर दबिश देकर चार लाख स्र्पये नकद, दो लैपटाप, 16 मोबाइल, नौ एटीएम, तीन पैनकार्ड, छह आइकार्ड, छह चेकबुक, चार पास बुक और बैंक में जमा किए गए स्र्पयों की पर्ची मिली है। इनसे पूछताछ में देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित बैंक खातों की जानकारी मिली है। इसकी पुलिस की टीम तस्दीक कर रही है।

बड़े शहरों में हैं ब्रांच आफिस

जांच के दौरान पता चला कि आनलाइन सट्टे के लिए देश के बड़े शहरों में ब्रांच आफिस बनाया गया है। सट्टे के कारोबार के लिए कोलकाता, दिल्ली जैसे शहरों के अलावा पंजाब, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र और गोवा में आफिस हैं। यहां पर काम करने के लिए स्टाफ रखा गया है। इनके द्वारा एप्लीकेशन का प्रमोशन और सटोरियों को खाता नंबर उपलब्ध कराया जाता है।

ब्लाक कराने के लिए हो रही कार्रवाई

आनलाइन सट्टे के कारोबार पर लगाम कसने के लिए सटोरियों से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। एसपी पास्र्ल माथुर ने बताया कि एप और साइट की लिंक को ब्लाक कराने के लिए सर्विस प्रोवाडर कंपनियों को मोबाइल नंबर की जानकारी दी जाएगी। इंटरेनट प्रोवाइडर कंपनियों को इसकी जानकारी देकर मोबाइल को ब्लाक कराया जाएगा।

22 हजार लोगों की मिली जानकारी

आनलाइन सट्टा एप की पुलिस ने एथिकल हैकिंग कराई थी। इसके माध्यम से पता चला कि 200 वीआइपी मोबाइल नंबरों से इसका संचालनक किया जाता है। इसके अलावा करीब 22 हजार से अधिक लोग इस एप से जुड़कर सट्टेबाजी करते हैं। पुलिस उनकी जानकारी जुटा रही है। वहीं, 200 बैंक अकाउंट की भी जानकारी मांगी गई है। इससे सटोरियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सटोरिया बनकर पुलिस ने जुटाई जानकारी

आनलाइन सटोरियों को पकड़ने के लिए एसीसीयू और चकरभाठा थाना प्रभारी मनोज नायक ने इसकी जानकारी जुटाई। इससे मिले नंबरों पर संपर्क कर पुलिस की टीम ने अलग-अलग नंबरों पर सट्टा लगाने की भी बात कही। इसके बाद सटोरियों की जानकारी जानकारी जुटाकर पुलिस की टीम ने आरोपित की धरपकड़ शुरू कर दी।

Posted By: anil.kurrey

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