बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

सरकंडा स्थित प्रथम अस्पताल के मार्केटिंग मैनेजर को ऑनलाइन ठग गिरोह ने झांसे में लेकर 50 हजार 600 रुपये की चपत लगा दी। इनाम में टाटा सफारी पाने के लालच में फंसकर मैनेजर ने गिरोह के बताए अनुसार बैंक खाते में रकम जमा कराई थी। उनकी रिपोर्ट पर कोनी पुलिस ने धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया है।

कोनी पुलिस के अनुसार बिरकोना निवासी दिलीप कुमार बच्छ पिता अशोक कुमार बच्छ सरकंडा के बहतराई रोड स्थित प्रथम अस्पताल में मार्केटिंग मैनेजर है। उन्होंने स्नैपडील ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी से हाथ घड़ी का ऑर्डर किया था। उनका ऑनलाइन आर्डर प्रोसेस में था और घड़ी की डिलीवरी नहीं हुई थी। इस बीच बीते पांच सितंबर को उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने स्नैपडील कंपनी का कर्मचारी बताया और कहने लगा कि स्नैपडील से आपको कोई मैसेज आया है, तब उन्होंने किसी तरह से जानकारी मिलने से इन्कार किया। इस दौरान पूछताछ करने लगा कि स्नैपडील से आपने कुछ आर्डर किया है, तब मैनेजर दिलीप ने घड़ी आर्डर करने की बात कही। चर्चा के दौरान ही उन्हें बताया गया कि स्नैपडील का नौ साल पूरा हो रहा है। इस अवसर पर लकी ड्रॉ निकला है, जिसमें उन्हें प्रथम इनाम मिला है। इसके तहत कंपनी की तरफ से उन्हें टाटा सफारी कार गिफ्ट की जाएगी। कार की कीमत 12 लाख 60 हजार रुपये बताई गई। यह भी बताया कि यह रकम उनके बैंक खाते में जमा कराई जाएगी। इतना सुनते ही दिलीप खुशी से उछलने लगा। इस बीच फोन करने वाले ने बताया कि कंपनी में रजिस्ट्रेशन व विजेता सर्टिफिकेट के लिए छह हजार 500 रुपये अनूप प्रधान के बैंक खाते में जमा करना होगा। 12 लाख 60 हजार रुपये मिलने के लालच में आकर दिलीप ने अपने कैनरा बैंक के अकाउंट से बताए गए खाते में रकम जमा करा दिया। फिर बाद में उन्हें दूसरे मोबाइल से कॉल किया गया और अपने आप को स्नैपडील कंपनी का मैकेनिकल डायरेक्टर संजय शर्मा बताया। साथ ही कहा कि उनके द्वारा भेजे गए छह हजार 500 रुपये मिल गए हैं। अब मात्र 10 मिनट में उसके खाते में 12 लाख 60 हजार रुपये जमा करा दिया जाएगा। इस दौरान संजय शर्मा ने झांसा दिया कि आपके द्वारा दिए गए बैंक खाते में कभी 10 लाख रुपये से ज्यादा का लेनदेन नहीं हुआ है। लिहाजा, उसमें रकम ट्रांसफर नहीं हो पा रहा है। इसके लिए उन्हें टीडीएस सिक्युरिटी सर्विस टैक्स 18 हजार 900 रुपये तत्काल जमा करना होगा। इस पर दिलीप ने फिर अनूप प्रधान के बैंक खाते में अपने खाते से 18 हजार 900 रुपये ट्रांसफर किया। इसके बाद फिर से दिलीप के पास कॉल आया और 30 मिनट के भीतर उनके खाते में इनाम की राशि ट्रांसफर करने का झांसा दिया गया। इस बीच रकम जमा नहीं होने पर दिलीप ने कॉल किया और खाते में अब तक रकम जमा नहीं होने के संबंध में पूछताछ करने लगा। फिर उन्हें कहा गया कि आप जीएसटी इनकम टैक्स जमा नहीं करते। इस वजह से खाते में रकम ट्रांसफर नहीं हो रहा है। इसके लिए फिर से दिलीप को 25 हजार 200 रुपये जमा करने कहा गया। इस बार भी दिलीप ने रकम जमा करा दी। 50 हजार 600 रुपये जमा कराने के बाद ऑनलाइन ठग गिरोह ने अपना मोबाइल स्वीच ऑफ कर दिया। इसके बाद दिलीप को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने इस मामले की शिकायत कोनी थाने में की। उनकी रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 420 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।

शक होने पर भेजी स्नैपडील की आइडी व पेन कार्ड

बातचीत करते हुए मैनेजर दिलीप को ठगी का शक हुआ। इस दौरान उन्होंने पूछताछ की, तब गिरोह के सदस्यों ने उन्हें भरोसा दिलाने के लिए स्नैपडील की आइडी व पेन कार्ड वाट्सएप पर भेज दिया। साथ ही भरोसा दिलाया कि ठगी का मामला आने पर वह थाने में एफआइआर भी दर्ज करा सकते हैं। गिरोह की इस तरह की बातों को सुनकर दिलीप उनके भरोसे में आ गया।

स्नैपडील कंपनी का बताया चीफ डायरेक्टर

रकम जमा करने से पहले बताए गए अनूप प्रधान के खाते के संबंध में भी दिलीप ने पूछताछ की, तब अनूप प्रधान को कंपनी का चीफ डायरेक्टर बताया गया। दिलीप इससे उनके झांसे में आकर फंस गया।