बिलासपुर। बिलासपुर में अयोध्या के श्री राम के आकार में गणपति विराजेंगे। इसके लिए गणेश जी का प्रतिमा बनकर तैयार हो चुकी है। श्री राम के वेशभूषा और खड़े होने के अंदाज में गणेश जी नजर आएंगे। साथ ही पंडाल को विशेष रूप से सजाया जाएगा। प्रतिमा के दर्शन करने से गणेश जी के साथ-साथ भगवान श्री राम का अहसास होगा। इसके साथ ही मूर्तिकारों ने गणेश जी मूर्ति कई प्रकार के रूप में बनाई है। ये मूर्तियां लोगों आकर्षित कर रही हैं।

कोरोना संक्रमण से मुक्त होने के बाद पहली बार बिना प्रतिबंध के शहर में लंबे समय के बाद उत्साह मनाया जा रहा है। इसलिए लोग काफी उत्साहित हैं। मूर्तिकारों के दुकान में गणेश की प्रतिमा खरीदने वालों की भीड़ लगनी शुरू हो चुकी हैं। यहां छोटी मूर्ति से लेकर विशाल मूर्तियां उपलब्ध है। हालंकी इस बार भगवान गणेश की मूर्ति में भी महंगाई का असर साफ नजर आ रहा है।

बीते सालों की तुलना में तीन गुना ज्यादा मूर्तियों की कीमत बढ़ चुकी है। इससे खरीदारों को अतिरिक्त खर्चा उठाना पड़ रहा है। मूर्ति के अलावा पंडाल, साउंड व पूजा सामग्री में भी ज्यादा पैसे खर्च हो रहे हैं। इसके बावजूद भक्तों में उत्साह की कोई कमी नहीं है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में गणेश चतुर्थी को लेकर गणपति बप्पा की धून गूंजने लगी है। पिछले दो दिनों से गणेश की मूर्ति खरीदकर लोग अपने घर ले जा रहे हैं।

पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दे रहे भगवान

कोरोना काल के बाद पर्यावरण के महत्व के बारे में लोगों केा समझ आया। तब से अभी तक अलग-अलग तरह से पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। गणेश चतुर्थी पर मूर्तिकार और गणेश समिति के लोगों ने भी श्री गणेश के मूर्ति माध्यम से पेड़ों की सुरक्षा का संदेश देंगे। मूर्तिकार ने पर्यावरण की सुरक्षा और पेड़ों की रक्षा करने के लिए पेड़ से प्रकट होते हुए गणेश जी की मूर्ति बनाई है। मूर्तिकार सुजीत का कहना है कि पेड़ से प्रकट होने वाली मूर्ति बनाने का मकसद यह है कि पेड़ भी पेड़ों से भगवान का जन्म होता है। इसलिए पेड़ की पूजा व रक्षा करनी चाहिए।

मुम्बई के तर्ज में विराजेंगे 15 फीट ऊंची गणेश की मूर्ति

मुम्बई जैसे बड़े शहरों में गणेश जी की मूर्तियां बनाई जाती है,जो लोगों को आकर्षित करते हैं। बिलासपुर के मूर्तिकारों ने भी 15 फीट की विशाल मूर्ति बनाई है। तिफरा के यदुनंदन नगर में स्थापित होंगे। मुम्बई व अन्य मेट्रो सिटी में विशाल गणेश की मूर्ति अब शहर में भी नजर आएंगी। गणराजधर गणेशउत्सव समिति के प्रशांत पाटनवार ने बताया कि पिछले 21 साल से गणेशोत्सव मना रहे हैं।

Posted By: Yogeshwar Sharma

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close