बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

कानन पेंडारी जू में मादा शुतुरमुर्ग की मौत के बाद जू प्रबंधन सुरक्षा को लेकर गंभीर हो गया है। अब केज में केवल मादा बची है। यह दूसरे जानवर को देखकर न डरे और केज में सुरक्षित विचरण करें इसके मद्देनजर केज सामने छोड़कर बाकी के हिस्से में ग्रीन नेट से घेराबंदी कर दी गई है। इतना ही नहीं रात्रिकालीन ड्यूटी पर तैनात चौकीदार व फारेस्ट गार्ड से प्रतिदिन हर एक घंटे की गई जांच पर रिपोर्ट ली जा रही है। ग्रीन नेट का यह उपाय शुतुरमुर्ग के अलावा अन्य शाकाहारी वन्यप्राणियों के केज में भी किया जाएगा।

पिछले दिनों कानन पेंडारी चिड़ियाघर में एक मादा शुतुरमुर्ग की रहस्यमय तरीके से मौत हो गई है। इस घटना के पीछे कहीं न कहीं जू प्रबंधन जिम्मेदार है। उनकी लापरवाही के चलते रात में घटना की खबर नहीं मिल पाई और घायल शुतुरमुर्ग रातभर बेहोश हालत में केज में ही पड़ी रही। इस घटना के बाद जू प्रबंधन अलर्ट हो गया है। साथ ही दूसरे दिन मंथन हुआ कि यहां की सुरक्षा व्यवस्था कैसे पुख्ता की जाए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ब्रेन हेमरेज से मौत की पुष्टि हुई है। इससे साबित होता है कि शुतुरमुर्ग ने केज से कुछ ऐसा देखा है कि जिससे वह दहशत में आ गई और वह इधर- उधर भागने लगी। ऐसे में आशंका है कि उसकी मौत किसी से टकराकर हुई है। संदेह बाहरी जंगली सूअर के घुसने की जताई जा रही है। जू प्रबंधन ने जंगली सूअर होने की पुष्टि भी की है। इन्हें रोकना फिलहाल असंभव है क्योंकि बाउंड्रीवाल टूटी हुई है। इसकी वजह से बाहरी वन्यप्राणी जू के अंदर आसानी से घुस रहे हैं। जब तक बाउंड्रीवाल की व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक केज की जालियों में ग्रीन नेट लगाने का निर्णय लिया गया। इसी का पालन करते हुए अब केज में ग्रीन नेट लगा दिए गए हैं। साथ ही रात्रिकालीन ड्यूटी पर तैयार स्टाफ को हर घंटे सर्चिंग करने का फरमान दिया गया है।