बिलासपुर । नईदुनिया प्रतिनिधि

व्यापमं द्वारा आयोजित व्याख्याता भर्ती परीक्षा के बाद जारी मॉडल आंसर में बदलाव करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने अंतिम सुनवाई तक लेक्चरर का एक पद आरक्षित रखने का आदेश राज्य शासन को जारी किया है।

बिलासपुर जिले के रतनपुर निवासी सैय्यद शोहाब अली ने वकील अब्दुल वहाब खान के जरिए हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि वर्ष 2019 में छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित वाणिज्य विषय के व्याख्याता पद के लिए परीक्षा का आयोजन किया था। इसमें वह भी शामिल हुआ था । लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया था। इसमें 150 अंक रखा गया था। 27 जुलाई 2019 को व्यापमं ने मॉडल आंसर जारी किया था। मॉडल आंसर में जिसे सही बताया गया था बाद में व्यापमं ने इसमें बदलाव कर दिया और दूसरे विकल्प के जवाब को सही ठहरा दिया । इसकी जानकारी मिलने पर उसने व्यापमंत्र को पत्र लिखकर त्रुटि सुधारने की मांग की थी। इसके बाद भी व्यापमं ने अपनी गलती नहीं मानी और गलत जवाब को ही सही ठहरा दिया । याचिकाकर्ता ने कहा कि सचिव स्कूल शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए काउंसिलिंग की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। व्यापमं द्वारा जारी मॉडल आंसर में दिए गए गलत उत्तर के कारण उसकी भर्ती प्रभावित होगी । व्यापमं की लापरवाही का खामियाजा उसको भुगतना पड़ेगा। मामले की सुनवाई जस्टिस पी सैम कोशी के सिंगल बेंच में हुई । प्रकरण की सुनवाई के बाद जस्टिस कोशी ने प्रकरण की सुनवाई पूरी होते तक वाणिज्य विषय के व्याख्याता का एक पद रिजर्व रखा जाए ।

Posted By: Nai Dunia News Network