बिलासपुर। High Court News: प्रदेश में सरकारी स्कूलों को बंद कर अंग्रेजी माध्यम में बदलने के सरकार के निर्णय के खिलाफ हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। बुधवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान शासन ने फिर से जवाब के लिए समय मांग लिया। अब इस प्रकरण की सुनवाई 28 अप्रैल को होगी।

राज्य शासन ने प्रदेश के करीब दो सौ स्कूलों को मिडिल से हायर सेकेंडरी तक अंग्रेजी माध्यम में बदलने का निर्णय लिया है। शासन के इस फैसले के खिलाफ जशपुर निवासी और संस्था अंक भारती के संयोजक डा. रविन्द्र वर्मा ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इसी तरह उन्होंने हिंदी अंकों का प्रयोग बंद करने पर भी जनहित याचिका लगाई है। बुधवार को चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन व जस्टिस पीपी साहू की युगलपीठ में यह मामला रखा गया था।

इससे पूर्व में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस की अदालत ने स्वयं पैरवी करने उपस्थित याचिकाकर्ता से कहा था कि याचिका में कुछ तकनीकी खामिया है और उसमें सुधार की जरूरत है। याचिका को सुधार करके लाने कहा था, जिसे सुधार कर लिया गया। याचिकाकर्ता ने बताया कि स्कूलों के अलावा हिंदी के अंकों को लेकर जनहित याचिका दायर हुई है।

इस पर एक साथ सुनवाई की जाए तो सुविधा होगी क्योंकि याचिकाकर्ता को काफी दूर से आना पड़ता है। उनकी याचिका में कहा गया है कि हिंदी माध्यम के विद्यालय बंद होने से हजारों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। इसी प्रकार दूसरी याचिका में बताया गया है कि हिंदी अंकों के लिए खुद शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया था कि प्राथमिक कक्षाओं में हिंदी के अंक ही इस्तेमाल किए जाएं।

बुधवार को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए प्रकरण की सुनवाई हुई। इस दौरान शासन के वकील ने अदालत से फिर से जवाब देने के लिए समय मांगा, जिसे हाई कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। अब इस मामले की सुनवाई के लिए 28 अप्रैल की तिथि तय की गई है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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