बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। परिवीक्षा अवधि पूरी करने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग में सेवा नियमित नहीं किए जाने के मामले में सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने सचिव स्वास्थ्य डा. आलोक शुक्ला, व सिम्स के डीन डा. कमल किशोर सहारे को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

याचिकाकर्ता हेमलता चौधरी ने अपने अधिवक्ता सिद्धार्थ पांडेय के माध्यम से हाई कोर्ट में अवमानना याचिका सचिव, डीन छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) आदि को पक्षकार बनाते हुए दाखिल की। इसमें बताया गया कि वर्ष 2013 में इनकी नियुक्ति टेलर के रूप में सिम्स में की गई थी। 2015 में दो साल होने के बाद भी उन्हें नियमित नहीं किया गया।

इसके कुछ समय बाद याचिकाकर्ता ने 2017 में हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी कि उन्होंने अपना परिवीक्षा अवधि पूरी कर ली है। इसके बाद भी पद पर नियमित नहीं किया गया है। इस पर राज्य शासन ने कहा था की मामला अभी कंसीडरेशन में है तथा अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

इस मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने छत्तीसगढ़ शासन तथा सिम्स प्रबंधन को चार माह के भीतर इसका निराकरण करने के लिए आदेशित कर याचिका को निराकृत कर दिया गया था। यह अवधि भी आगे निकल गई और कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब यह अवमानना याचिका लगाई गई।

जस्टिस पी सेम कोशी ने गत दिवस सुनवाई के बाद सचिव स्वास्थ्य डा. आलोक शुक्ला, डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन तथा डा. कमल किशोर सहारे डीन सिम्स को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जवाब आने के बाद मामले में अगली सुनवाई होगी।

Posted By: anil.kurrey

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