बिलासपुर। अवकाश के दिन रविवार को हाई कोर्ट खुला। अर्जेट हियरिंग पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस पी सैम कोशी ने नवागढ़ तहीसलदार के आदेश पर रोक लगा दी है। नांदघाट फोरलेन पुल और नेशनल हाईवे के किनारे स्थित ढाबा को अतिक्रमण बताते हुए हटाने का आदेश जारी कर दिया था। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने याचिकाकर्ता ढाबा संचालक को राहत दी है। याचिकाकर्ता को नवागढ़ एसडीएम के समक्ष दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया है।

बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नांदघाट पुल है। फोरलेन पुल और नेशनल हाइवे के किनारे गोस्वामी फैमिली ढाबा है। खैरा निवासी विवेक शुक्ला ने वकील शैलेंद्र वाजपेयी के जरिए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में शनिवार शाम के वक्त रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय के माध्यम से अर्जेंट हियरिंग के तहत याचिका पेश की। याचिकाकर्ता ने गुहार लगाई कि मुआवजा के रूप में बीते 35 वर्ष पहले नांदघाट में जमीन दी गई थी।

उसी जमीन पर ढाबे का संचालन किया जा रहा है। मुआवजा में दी गई जमीन को शासकीय भूखंड बताते हुए तोड़फोड़ की कार्रवाई करने नवागढ़ तहसीलदार ने आदेश जारी कर दिया है। याचिकाकर्ता ने नवागढ़ तहसीलदार की कार्रवाई पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए चीफ जस्टिस एके गोस्वामी के निर्देश पर रजिस्ट्रार जनरल ने रविवार को सिंगल बेंच का गठन किया।

इसके लिए काज लिस्ट जारी की। अर्जेंट हियरिंग के तहत दर्ज याचिका की सुनवाई के लिए जस्टिस पी सैम कोशी के बेंच का गठन किया। रविवार को मामले की सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि बिलासपुर से रायपुर सड़क निर्माण के दौरान खैरा में याचिकाकर्ता की जमीन को वर्ष 1951 में सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित किया ग्ाया था। अधिग्रहण के एवज में बतौर मुआवजा खैरा से तकरीबन तीन किलोमीटर दूर नांदघाट स्थित शासकीय भूमि का आवंटन किया गया था। आवंटित जमीन पर वर्तमान में ढाबा का संचाल किया जा रहा है। यही जमीन अब बिलासपुर रायपुर नेशनल हाइवे के ठीक ऊपर आ गया है। नांदघाट फोरलेन पुल के पास स्थिति है।

नवागढ़ एसडीएम ने खारिज कर दी थी अपील

याचिकाकर्ता ने नवागढ़ तहसीलदार के आदेश को चुनौती देते हुए एसडीएम कोर्ट में अपील पेश की थी। मामले की सुनवाई के बाद एसडीएम बेमेतरा ने तहसीलदार के फैसले को सही ठहराते हुए अपील को खारिज कर दिया था। मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस पी सैम कोशी ने तहसीलदार के आदेश को रद करते हुए तोड़फोड़ की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को नवागढ़ एसडीएम के समक्ष दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया है।

अवकाश के दिन तोड़फोड़ की थी योजना

रविवार को अवकाश के कारण शासकीय कार्यालयों से लेकर हाई कोर्ट में कामकाज बंद रहता है। नवागढ़ तहसीलदार के आदेश पर विभागीय अमले ने रविवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की योजना बनाई थी। इस दिन अवकाश रहेगा लिहाजा कहीं से भी किसी तरह की रोकटोक नहीं होगी और अपना काम बेफिक्री से कर सकेंगे। याचिकाकर्ता को आशंका थी और अर्जेंट हियरिंग के तहत दायर याचिका में अपनी आशंका से हाई कोर्ट को भी अवगत करा दिया था।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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