बिलासपुर। High Court News: कोर्ट ने सहायक लोक अभियोजन अधिकारी पद पर पदोन्नति के लिए अधिकतम आयु सीमा का बंधन निरस्त कर दिया है। इसके बाद भी सहायक लोक अभियोजन अधिकारी को पदोन्न्ति नहीं दी गई। इस मामले में दायर अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने गृह विभाग के प्रमुख सचिव व संचालक लोक अभियोजन को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

लोक अभियोजन विभाग में सहायक ग्रेड 3 को सहायक लोक अभियोजन अधिकारी के पद पर पदोन्न्ति देने का प्रावधान है। इसके लिए आयु 40 वर्ष से कम होनी चाहिए। इस नियम के तहत कई जूनियर कर्मचारियों को जो 40 से कम उम्र के थे उन्हें पदोन्न्ति दे दी गई। वहीं दूसरी ओर चन्द्रकांत गिरी, नटराज पांडेय, अनिल गोस्वामी, आरती मिश्रा को उम्र अधिक होने के कारण पदोन्न्ति नहीं दी गई। इस पर उन्होंने वकील अजय श्रीवास्तव के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की।

इसमें कहा गया कि प्रमोशन के लिए प्रमुख रूप से अनुभव जरूरी होता है। आयु सीमा निर्धारित रखने का उद्देश्य स्पष्ट नहीं है और संविधान के अनुच्छेद 14 व 16 के विपरीत है। क्योंकि याचिकाकर्ता योग्य होते हुए भी प्रमोशन से वंचित हो रहे हैं। वर्ष 2019 में चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने इस नियम को असंवैधानिक बताते हुए निरस्त कर दिया था। साथ ही याचिकाकर्ताओं को उनके जूनियर साथियों के पदोन्न्ति तिथि से सीनियर के आधार पर प्रमोशन देने का आदेश दिया था।

लेकिन एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनकी पदोन्न्ति प्रकरण पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर उन्होंने हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर दी। मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने गृह विभाग के प्रमुख सचिव व संचालक लोक अभियोजन को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

Posted By: sandeep.yadav

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