बिलासपुर।Highcourt News Bilaspur: जगदलपुर जिले में रेत घाट की नीलामी के लिए निकाली गई निविदा में अनियमितता का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की गई है। आरोप है कि अफसरों से मिलीभगत कर याचिकाकर्ताओं को फार्म जमा करने से वंचित कर दिया गया। इस मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने निविदा पर रोक लगा दी है। साथ ही राज्य शासन व कलेक्टर को नोटिस जारी कर 10 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। राज्य शासन ने जगदलपुर कलेक्टर के माध्यम से रेत घाटों की नीलामी के लिए निविदा बुलाई थी। निविदा फार्म जमा करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त तय की गई थी। निर्धारित समयावधि से पहले बिलासपुर के शिवकुमार केंवट सहित 13 ठेकेदार इस निविदा की प्रक्रिया में भाग लेने के लिए आवेदन पत्र जमा करने पहुंचे थे।

लेकिन कलेक्टर कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों ने बिना किसी कारण के उनके निविदा फार्म को जमा करने से मना कर दिया। इस पर उन्होंने कर्मचारियों पर अन्य ठेकेदारों से मिलीभगत करने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत की। साथ ही उन्होंने निविदा फार्म जमा करने की मांग की। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे परेशान होकर शिवकुमार केंवट सहित 12 अन्य ने अधिवक्ता हषवर्धन परगहनिया के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की।

इसमें यह भी आरोप है कि चहेते ठेकेदार को लाभ देने के लिए जानबूझकर ऐसा किया गया है। याचिका में निविदा को रद करते हुए याचिकाकर्ताओं को भी इस प्रक्रिया में शामिल करने की मांग की गई है। इस प्रकरण की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश प्रशांत मिश्रा व जस्टिस रजनी दुबे की युगलपीठ ने निविदा की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। साथ ही राज्य शासन व जगदलपुर कलेक्टर को दस दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

Posted By: anil.kurrey

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