बिलासपुर।Highcourt News Bilaspur: कोर्ट के आदेश के बाद भी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया। इस मामले में दाखिल अवमानना याचिका पर हाई कोर्ट ने जल संसाधन विभाग के सचिव को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं। मामला जल संसाधन विभाग के छुईखदान कार्यालय का है। यहां वर्ष 1986 से मोतीराम अमरदास व शंकर राम सहित अन्य ने अपने अधिवक्ता सतीश गुप्ता के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें बताया गया है कि शासन के प्रविधान के अनुसार 10 साल तक कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित किया जाना था।

याचिका में राज्य शासन द्वारा 2008 में जारी नियमितीकरण नियमों का भी हवाला दिया गया है। लेकिन याचिकाकर्ताओं को लंबी सेवा अवधि पूरी करने के बाद भी नियमित नहीं किया जा रहा है। याचिका में उन्हें नियमित करने की मांग की गई थी। इस प्रकरण की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने फरवरी 2019 में 2008 के नियम के अनुसार याचिकाकर्ताओं को नियमित करने का आदेश दिया था।

कोर्ट के आदेश के बाद याचिकाकर्ताओं ने विभागीय अधिकारियों के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत किया और कोर्ट के आदेश पर नियमितीकरण करने की मांग भी की। लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी याचिकाकर्ता कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया है। इस तरह से हाई कोर्ट के आदेश का भी पालन नहीं किया जा रहा है।

लिहाजा याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय की अवमानना याचिका दायर की है। इस प्रकरण की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने जल संसाधन विभाग के सचिव को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के निर्देश पर अब मामले में जल संसाधन विभाग के सचिव को पक्षकार बनाया जाएगा। इसके बाद मामले की सुनवाई होगी।

Posted By: anil.kurrey

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