बिलासपुर। Higher Education: सरगुज़ा संभाग के 34 कालेजों में शिक्षकों की कमी है।विषय विशेषज्ञों की कमी के कारण कालेजों में पढ़ाई नहीं हो पा रही थी। आनलाइन पढ़ाई के लिए भी सहायक प्राध्यापकों की कमी आड़े आ रही थी। ऐसे में इन कालेजों के विद्यार्थियों को अंबिकापुर के शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय से जोड़ दिया गया है। इस कालेज के विषय विशेषज्ञ ऑनलाइन पढ़ाई करा रहे है। सभी विद्यार्थियों को आइडी, पासवर्ड जारी किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग के पोर्टल पर उक्त आइडी ,पासवर्ड लाग इन कर विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई में शामिल हो रहे हैं।

कोरोना काल में विद्यार्थियों को तो पढ़ाई का अवसर मिल गया, लेकिन आफलाइन तरीके में ये विद्यार्थी संबधित विषयों की कालेज में सही तरीके से पढ़ाई से वंचित हो जाते थे। कुछ कालेजों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जाती थी।यह व्यवस्था भी आधी-अधूरी ही रहती थी। शिक्षा सत्र जुलाई से आरंभ हो जाता था और अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति का आदेश अगस्त-सितंबर में आने और चयन प्रक्रिया में विलंब होने से विद्यार्थियों को अक्टूबर-नवंबर से ही संबधित विषयों की पढ़ाई का मौका मिल पाता था।

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जब कालेजों का संचालन नहीं हो रहा है ऐसे समय मे आफलाइन पढ़ाई हो रही है तब विद्यार्थियों को नियमित रूप से विषय विशेषज्ञों से पढ़ाई का मौका मिला है।दूरस्थ क्षेत्र के विद्यार्थियो को इस नई वैकल्पिक व्यवस्था का फायदा मिला है वे घर बैठे ही अपने मोबाइल से ही ऑनलाइन पढ़ाई कर पा रहे है।बताते चले कि सरगुज़ा संभाग में शासकीय कालेज खोलने में तो रुचि दिखाई गई लेकिन बुनियादी जरूरतों को पूरा करने कोई कसर बाकी नहीं रखी गई। सरगुज़ा जिले में सिर्फ लुंड्रा ही एकमात्र ऐसा विकासखंड है जहां शासकीय कॉलेज अभी तक आरंभ नहीं हो सका है अन्यथा संभाग के पांचों जिले के सभी ब्लॉक मुख्यालय तो दूर बड़े कस्बों में भी कालेज खोल दिए गए लेकिन शिक्षक संवर्ग की सेटअप के अनुरूप भर्ती नहीं होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई पिछले शिक्षा सत्र में भी बाधित हुई थी।

*आधे से अधिक कॉलेज में स्वीकृत पदों के अनुरूप पदस्थापना नहीं*

उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधा के दावे के साथ कॉलेज खुलते चले गए लेकिन स्वीकृत पदों के अनुरूप पदस्थापना के लिए कोई पहल नहीं हुई।संभाग में 65 शासकीय कालेज है।इनमें से आधे से अधिक कालेजों में कई विषयों के शिक्षक ही नहीं है।कोरोना काल मे संभाग स्तर पर अपर संचालक उच्च शिक्षा विभाग की निगरानी में सुविधाविहीन और शिक्षकों की कमी वाले कालेज के विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश के परिपालन में सरगुज़ा में भी इसकी शुरुवात कर दी गई है।

*चार कक्ष बने क्लासरूम,कैमरा-कंप्यूटर के साथ सारी सुविधा*

ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन के लिए अंबिकापुर के राजीव गांधी शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय को केंद्रीयकृत किया गया है।यहां सभी विषयों के प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापक है।कॉलेज के चार कमरों को अत्याधुनिक कैमरा,कंप्यूटर और दूसरे उपकरणों से सुसज्जित किया गया है।इन्हें स्टूडियो का नाम दिया गया है जहां शिक्षक आकर क्लास ले रहे है और विद्यार्थी मोबाइल ,लैपटॉप या कंप्यूटर से घर बैठे ही इससे जुड़ रहे है।

लगभग 10 हजार विद्यार्थियों को मिल रहा लाभ

जिन 34 कालेज में सभी विषयों के शिक्षक नहीं है उनकी संख्या 34 है। लगभग दस हजार विद्यार्थी ऐसे है जिन्हें किसी न किसी विषय के शिक्षक की कमी से पढाई में दिक्कत हो रही थी। अब ऑनलाइन क्लास में यह समस्या दूर हो गई है।योजनाबद्ध तरीके से उच्च शिक्षा संचनालय की निगरानी में कक्षाओं का संचालन हो रहा है। ऑनलाइन क्लास की प्रक्रिया शुरू होने से पहले सभी कॉलेजों से विद्यार्थियों का नाम,मोबाइल नंबर और ई मेल आइडी मंगाया गया था। इसे उच्च शिक्षा संचनालय को भेजा गया था वहीं से सभी विद्यार्थियो का आईडी, पासवर्ड जनरेट हुआ। उसे विद्यार्थियों तक पहुंचाया गया फिर उच्च शिक्षा विभाग के वेब पोर्टल पर लॉग इन कर विद्यार्थियों को पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराना आरंभ किया गया है।

जिन कालेजों में विषयवार शिक्षकों की कमी है वहां के विद्यार्थियों के ऑनलाइन कक्षा के लिए अंबिकापुर के राजीव गांधी शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय को अध्यनन केंद्र के रूप में तैयार किया गया है। यही से विषय विशेषज्ञ ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन कर रहे है। कोरोना काल मे यह हम सभी के लिए नया अनुभव है। मुझे खुशी इस बात की है कि कॉलेज के विद्यार्थी भी ऑनलाइन कक्षाओं में उत्साह के साथ हिस्सा ले रहे है।

- डॉ एसके त्रिपाठी, अपर संचालक,उच्च शिक्षा विभाग अंबिकापुर

Posted By: Himanshu Sharma

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