बिलासपुर। दवा के बढ़ते दाम से सभी वर्ग परेशान हैं। इसी बीच शहर के कई स्थानों पर विहान फार्मेसी स्टोर्स के नाम से संचालित दवा दुकान में ब्रांडेड दवाओं में 15 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। यह जिला औषधि विक्रेता संघ और चिल्हर औषधि विक्रेता संघ को रास नहीं आ रहा है। ऐसे में दवा देना बंद करते हुए स्टोर संचालक का बहिष्कार किया जा रहा है। वहीं इससे व्यथित होकर स्टोर संचालक ने कलेक्टर व सीएमएचओ से शिकायत करते हुए गुहार लगाई है कि उन्हें 15 प्रतिशत डिस्काउंट में दवा बेचने का अधिकार दिया जाए।

विहान फार्मेसी स्टोर्स के संचालक विमल कुमार शर्मा ने कलेक्टर और सीएमएचओ को शिकायत करते हुए बताया है कि शहर में विहान फार्मेसी स्टोर्स के मध्य नगरी चौक, विद्यानगर, मुंगेली नाका चौक, नर्मदा नगर, सीपत चौक सरकंडा और राजकिशोर नगर में ब्रांच संचालित होते हैं। हर दुकान में बीते दो साल से सभी प्रकार की ब्रांडेड दवाओं में 15 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। लेकिन, अब यह छूट जिला औषधि संघ और चिल्हर औषधि विक्रेता संघ को रास नहीं आ रहा है। वे मुझे छूट देने से रोकने के लिए दबाव बना रहे हैं। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं को बिल में किसी भी प्रकार की कोई छूट न दें और न ही नाम पट्टी में छूट का उल्लेख करें।

नहीं तो जिला औषधि विक्रेता संघ जिले के थोक दवा विक्रताओं द्वारा उनका बहिष्कार कर दिया जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया है कि जो भी थोक विक्रेता विहान फार्मेसी को दवा उपलब्ध कराएगा, उसका भी बहिष्कार कर दिया जाएगा। ऐसे में उनके स्टोर के बंद होने की नौबत आ गई है। लिहाजा उन्होंने डिस्काउंट में दवा बचने की अनुमति देते हुए थोक विक्रताओं से दवा उपलब्ध कराने की अनुमति दिलाने की बात कही है।

सरकार की मंशा के अनुरूप कर रहे काम

स्टोर के संचालक विमल कुमार ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि वे सरकार की मंशा के अनुरूप ही कार्य कर रहे हैंं। केंद्र व राज्य शासन की मंशा है कि उपभोक्ताओं को कम से कम कीमत पर जरूरत की दवा मिले। लेकिन, उनके द्वारा दवा की कीमत कम करने पर अन्य दवा विक्रता बाधा उत्पन्न् कर रहे हैं। यह ड्रग एक्ट और एसेंशियल कमोडिटी एक्ट का भी उल्लंघन है। साथ ही मानवाधिकार का भी स्पष्ट उल्लंघन है। उनके द्वारा दी जा रही छूट को रोकने के लिए उन्हें दवा का स्टाक देने से रोकने के लिए सभी थोक दवा विक्रताओं को मौखिक संदेश भेजा जा चुका है। कानून की पकड़ से बचने के लिए बिना हस्ताक्षर लिखित पर्चा थोक बाजार में बांटा गया है, जो आम जनता के खिलाफ है।

बयान देने से बचते रहे दवा संघ के पदाधिकारी

इस मामले में जब जिला औषधि थोक विक्रेता संघ और चिल्हर औषधि विक्रेता संघ के पदाधिकारियों से फोन पर संपर्क किया गया तो, वे इस मामले में बयान देने से बेचते रहे। कोई बाहर होने का बहाना बनाते रहा तो, कोई इसकी जानकारी नहीं होने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ते रहे।

पोटली फार्मेसी, वाहे गुरु मेडिकल स्टोर को भी दवा सप्लाई नहीं

यह बात भी सामने आई है कि औषधि संघ के दबाव की वजह से दयालबंद स्थित पोटली फार्मेसी और वाहेगुरु मेडिकल स्टोर दयालबंद को भी थोक विक्रेता दवा की सप्लाई नहीं कर रहे हैं, क्योंकि वे भी ब्रांडेड दवा में छूट दे रहे हंै। ऐसे में इन्हें भी दवाओं का स्टाक करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साफ है कि जिले का दवा संघ उपभोक्ताओं को सस्ती दर में दवा उपलब्ध कराने के पक्ष में नहीं है।

ऐसा कोई बात नहीं है। हम बिलकुल भी दबाव नहीं बना रहे है। शिकायत निराधार है।

पंकज सचदेव, कार्यकारी अध्यक्ष, जिला औषधि विक्रेता संघ

कोई भी छूट में दवा बेच सकता है। विहान फार्मेसी की शिकायत मिली है। यदि स्टोर को दवा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है तो यह गलत है। मामले की जानकारी ड्रग इंस्पेक्टर को दिया गया है। जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

डा. प्रमोद महाजन, सीएमएचओ

Posted By: Yogeshwar Sharma

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