बिलासपुर। Bilaspur News: शासकीय उचित मूल्य दुकानों के संचालन के लिए राज्य शासन की नई व्यवस्था ने दावेदारों की परेशानी बढ़ा दी है। खासकर उन लोगांे की जो बीते कई महीने से राशन दुकान हथियाने के लिए सत्ताधारी दल के स्थानीय नेताआंे के संपर्क में है। राज्य शासन की व्यवस्था पर गौर करें तो जिन गांव की राशन दुकान के लिए लाइसंेस जारी किया जाना है अगर संबंधित ग्राम पंचायत दुकान चलाने के लिए आगे आती है तो किसी अन्य के आवेदनों पर विचार ही नहीं किया जाएगा। वहां की दुकान ग्राम पंचायत के हवाले कर दी जाएगी।

खाद्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले के अमूमन सभी ब्लाकों में राशन दुकानें खाली है। पूर्व में जिनको संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी गरीबांे के हिस्से का चावल हड़पने के आरोप में उनको बेदखल कर लाइसेंस रद कर दिया गया है। प्रत्येक विकासखंड में चार से पांच दुकानें अब भी खाली है जिनका लाइसेंस खाद्य विभाग को जारी करना है।

राज्य की सत्ता मंे काबिज होने के बाद से ही स्थानीय दिग्गज नेताओं की नजरें राशन दुकानों की ओर लगी हुई है। इनकी कोशिश है कि गांव के ईमानदार व कर्मठ कार्यकर्ताओं में से किसी एक को राशन दुकान की जिम्मेदारी दे दी जाए जो अच्छी तरह दुकान का संचालन कर सके। जानकारों का तो यहां तक कहना है कि जिले के दिग्गज नेताओं ने सूची भी बना ली है। राज्य शासन की नई व्यवस्था ने इनकी परेशानी एक बार फिर बढ़ा दी है।

बिल्हा विकासखंड की इन दुकानों पर नजर

बिल्हा विकासखंड में वर्तमान में दो उचित मूल्य की दुकान का लाइसंेस खाद्य विभाग को जारी करना है। इसमें नवीन शासकीय उचित मूल्य की दुकान ग्राम पंचायत रहंगी के ग्राम इंद्रपुरी व ग्राम पंचायत कड़ार के ग्रामभाठापारा में है। दोनों दुकानों के लिए खाद्य विभाग ने आवेदन मंगाए हैं। आवेदन प्राप्त होने के बाद लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। दावेदारों की नजरंे अभी से ही इन दोनों दुकानों पर टिकी हुई है।

दुकान चलाने ये हंै प

स्थानीय ग्राम पंचायत, महिला स्व सहायता समूह, प्राथमिक कृषि साख समिति, अन्य सहकारी समिति, राज्य द्वारा चिन्हांकित उपक्र व वन सुरक्षा समिति। निजी व्यक्ति के आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।

इन शर्तों का पालन जस्र्री

महिला स्व सहायता समूह, प्राथमिक कृषि साख समिति, अन्य सहकारी समिति, राज्य द्वारा चिन्हांकित उपक्रम, वन सुरक्षा समिति के मामले में पंजीयक फर्म एवं सोसायटी व उप पंजीयक, समितियों के रजिस्ट्रार के विज्ञाापन जारी तिथि से तीन महीने पूर्व का पंजीयन का सत्यापित छायाप्रति होना आवश्यक है।

0 ग्राम पंचायत,महिला स्व सहायता समूह, प्राथमिक कृषि साख समिति, अन्य सहकारी समिति, राज्य विनिर्दिष्ट उपक्रम, वन सुरक्षा समिति का बचत बैंक खाता संचालन एवं छह महीने का स्टेटमेंट होना चाहिए।

0 महिला स्व सहायता समूह, प्राथमिक कृषि साख समिति, अन्य सहकारी समिति, वन सुरक्षा समिति को शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन हेतु समूह या समिति का सहमति प्रस्ताव तथा ग्राम पंचायत को ग्राम पंचायत का सहमति प्रस्ताव जमा करना आवश्यक होगा।

वर्जन

उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए राज्य शासन के मापदंडों का पालन करना अनिवार्य है। इस संबंध में विभाग प्रमुखों के अलावा जिले के अनुविभागीय अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है। तय शर्तों और गाइड लाइन के आधार पर ही दुकान का आवंटन किया जाना है।

डा.सारांश मित्तर-कलेक्टर

Posted By: sandeep.yadav

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