बिलासपुर। जिले में रेत की अवैध उत्खनन पर रोक लगने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में खनन जारी है। सीपत क्षेत्र के ग्राम उरतुम स्थित खारंग नदी में रात व दिन रेत खनन और परिवहन खुलेआम चल रहा है। ज्यादातर रात के अंधेरे में नदी में जेसीबी मशीन लगाकर ट्रैक्टर,हाईवा रेत की खुदाई कर रहे हैं। दूसरी ओर पुलिस व राजस्व अधिकारियों को भनक तक नहीं है। रेत माफिया मनमुताबिक कीमत में रेत बेच रहे हैं। इससे शासन को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।

पांच माह पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम बघेल ने प्रदेशभर में खनिजों का अवैध उत्खनन पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इसकी जिम्मेदारी जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को सौंपी गई थी। कुछ दिनों तक बिलासपुर जिले में तेजी के साथ कार्रवाई हुई। अवैध रेत उत्खनन व परिवहन से लेकर डंप करने वालों के खिलाफ कार्रवाही की गई। तब सभी नदी व नाला सूना पड़ गया था। बीते कुछ दिनों से नदी व नालों में फिर से अवैध खनन जारी हो गया है। रेत माफिया रात के समय ग्रामीण क्षेत्र के नदियों में खोदाई करवा रहे हैं। जिला प्रशासन तक शिकायत भी पहुंच रही है। लेकिन अधिकारी कार्रवाई करने में कोई रूची नहीं दिखा रहे हैं।

पुल कमजोर हो गया

रेत माफिया लखराम एनिकट उरतुम नदी में सीपत, मटियारी, मोहरा गांव को जोड़ने के लिए पुल का निर्माण किया गया है। पुल को बने करीब 18 साल हो गया है। अब काफी पुराना भी हो गया है। रेत माफिया पुल के आसपास भी खनन कर रहे हैं। इसके चलते पिलर कमजोर हो गया है। किसी भी दुर्घटना हो सकती है।

महिला मजदूरों का उपयोग कर रहे हैं

रेत माफिया विरोध को देखते हुए महिला मजदूरों को लेकर नदी पहुंचते है। रेत खोर्दा कर ट्रेक्टरों में लोड करवाते हैं। इस बीच कोई ग्रामीण विरोध करने पहुंचते हैं तो महिलाएं सामने आकर विवाद करने लगती हैं। झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हैं। इसेस ग्रामीण पीछे हट जाते हैं।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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