बिलासपुर । लोरमी वैश्विक महामारी में छात्रों के शैक्षिक गुणवत्ता में वृद्धि के लिए संकल्पित जिला शिक्षा अधिकारी सतीश पांडेय द्वारा संचालित प्रेरणा से परिवर्तन, उमंग से उल्लास, शिक्षा चौपाल, चेतना से चैतन्य, लोगों के हृदय को स्पर्श करने की दिशा में नवीन कीर्तिमान गढ़ते दृष्टिगोचर हो रही है।

जिले मे चल रहे शाला प्रबंधन और विकास समिति के अवलोकन के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी सतीश पांडेय ने मुंगेली जिले के तीनों विकासखंड लोरमी, पथरिया तथा मुंगेली के सदस्यों को प्रशिक्षण सहभागिता और जागरूकता के लिए सराहा। उन्होंने बच्चों के समग्र विकास के लिए शिक्षक के साथ- साथ पालक तथा समुदाय को महत्वपूर्ण कड़ी बताया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डोंगरिया में मास्टर ट्रेनर डा. सत्यनारायण तिवारी ने शिक्षक, बालक तथा पालक को सामाजिक चेतना का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। समिति की जागरूकता से विद्यालय और विद्यार्थी दोनों के विकास की चर्चा करते हुए डा. तिवारी ने समिति गठन की रूपरेखा, आवश्यकता, महत्व, अधिकार एवं कर्तव्य, शिक्षकों तथा समुदाय की सार्थक भूमिका,सीखने और सीखाने की प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की। रामभरोस ठाकुर ने शाला अनुदान पर प्रकाश डाला। डोंगरिया स्कूल के प्राचार्य रमाशंकर यादव ने शिक्षकों एवं सदस्यों से चेतना से चैतन्य रहने तथा अधिकार और कर्तव्य में समन्वय बनाकर चलने की बातें कही।

इस अवसर पर लाखासार के प्राचार्य मनोज मिश्र, शैक्षिक समन्वयक अरविंद पांडेय, राकेश साहू एवं जयसिंह राजपूत ने भी संबोधित किया। बिठलदह में अभिजीत तिवारी, पूनम सिंह राजपूत तथा संकुल शाला शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लोरमी में महेश गुप्ता तथा जनकराम राजपूत ने प्रशिक्षण दिया। इसी प्रकार से लोरमी विकासखंड के संकुल केंद्र बालक एवं कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, झाफल, मोहबंधा, डांेगरिया तथा हाईस्कूल लाखासार एवं ढोलगी के 101 विद्यालयांे के करीब 455 सदस्यों ने उत्साह पूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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