Indian Railway: बिलासपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने के लिए रेलवे ने अपनी कार्यशैली में बदलाव किया है। न ट्रेनें रद कर रहे हैं और न रिशेड्यूल। आधे बीच में परिचालन भी समाप्त नहीं हो रहा है। इसके बावजूद इंटरलाकिंग का कार्य पूरा हो रहा है। इसी कार्यशैली के तहत इस बार राजनांदगांव- कलमना रेलवे स्टेशन के बीच गंगाझरी स्टेशन को तीसरी लाइन से जोड़ने की योजना बनाई है। 15 फरवरी को होने वाला इस कार्य को 12 घंटे में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

नई लाइनों का निर्माण कार्य

इस कार्यशैली की शुरुआत बिलासपुर रेल मंडल से हुई है। अब जोन के अन्य मंडल में भी इसे अपनाया जा रहा है। राजनांदगांव-कलमना रेल मार्ग दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की एक महत्वपूर्ण व व्यस्त रेल मार्ग है। रेलवे परिचालन को और भी सुचारू तथा नई गाड़ियों के मार्ग प्रशस्त करने के लिए नई लाइनों का निर्माण करा रही है। इससे आधारभूत संरचना में विकास के साथ नई यात्री सुविधाओं में वृद्धि भी हो रही है।

सबसे अच्छी बात है कि इसकी वजह से यात्री ट्रेनों का परिचालन प्रभावित नहीं हो रहा है। इसी दिशा में सक्रिय रूप से कार्य करते हुए राजनांदगांव से कलमना के बीच तीसरी लाइन का कार्य किया जा रहा है। इसके अंतर्गत राजनांदगांव-कलमना सेक्शन के गंगाझरी रेलवे स्टेशन को तीसरी लाइन से जोड़ने के लिए नान इंटरलाकिंग का कार्य किया जाएगा। 15 फरवरी की सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक 12 घंटे में किया जाएगा।

नहीं होगा परिचालन प्रभावित

अभिनव तरीके से संपादित किए जाने वाले इस कार्य के सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें किसी भी ट्रेनों का परिचालन प्रभावित नहीं होगा। पहले ऐसे कार्यों को पूरा करने के लिए कई ट्रेनें रद कर दी जाती थीं। इसके चलते यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। रेलवे का मानना है कि तीसरी लाइन का कार्य पूरा होने से ट्रेनों के परिचालन में गतिशीलता आएगी। इसके साथ ही क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के नए आयाम प्रशस्त होंगे।

Posted By: Manoj Kumar Tiwari

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