बिलासपुर। आइआरसीटीसी को सात सुपरवाइजर मिले हैं। सभी का ईस्ट जोन से यहां तबादला किया गया था। हालांकि इसके लिए क्षेत्रीय कार्यालय से ही मांग पत्र भेजा गया था। इस दौरान उन्हें यहां कर्मचारियों के अभाव में होने वाली परेशानियों से अवगत कराया गया था। खासकर पेंट्रीकार की मानिटरिंग का काम प्रभावित हो रहा था। पर इस तरह की दिक्कतें नहीं आएंगी। इन सुपरवाइजरों की सेवा पेंट्रीकार के अलावा स्टेशनों में संचालित फूड यूनिट की मानिटरिंग में लिया जाएगा।

एक समय था जब आइआरसीटीसी के पास 15 सुपरवाइजर थे। ये सभी संविदा के कर्मचारी थे। लेकिन कार्यकाल पूरा होने के बाद एक- एककर सभी चले गए। पिछले कई महीनों से कर्मचारियों की कमी से आइआरसीटीसी जूझ रहा था। इसके चलते कहीं न कहीं कामकाज भी प्रभावित हो रहा था। इनमें सबसे प्रमुख मानिटरिंग ही थी। उस समय भी पेंट्रीकार की सुविधा थी। अंतर केवल इतना था कि संचालक पैकेट बंद सामान बेच रहे थे। पर अब पेंट्रीकार में खाना पकाने की अनुमति दे दी गई है।

इसलिए अब आइआरसीटीसी चाह रहा है कि सभी ट्रेनों की पेंट्रीकार की नियमित जांच कराई जाए। सुपरवाइजरों को ट्रेन में ही भेजा जाए। इससे पेंट्रीकार के कर्मचारी न तो ओवरचार्जिंग कर सकेंगे और न खानपान की क्वालिटी में लापरवाही बरतेंगे। इसके साथ ही प्रमुख स्टेशनों में आइआरसीटीसी की फूड यूनिट भी हंै। इनकी भी मानिटरिंग में दिक्कत होती थी। नियुक्ति के बाद इन सुपरवाइजरों को यही जवाबदारी सौंपी जाएगी। कुछ और सुपरवाइजरों के आने की उम्मीद है। इसके बाद काफी हद तक स्थिति में सुधार आएगा। सभी को आते ही जांच की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। जांच के साथ-साथ वे रिपोर्ट भी देंगे।

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Posted By: sandeep.yadav

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