बिलासपुर। डाक विभाग में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नौकरी से हटाने की तैयारी चल रही है। यदि काम से हटा दिया जाता है तो विभागीय कार्य प्रभावित होगा है। यह खबर सुनकर कर्मचारी असमंजस में पड़ गए हैं। नौकरी जाने की खतरा महसूस करने लगे हैं। कर्मचारियों को नौकरी से निकालने आदेश दिया गया है। पहले एक अगस्त से काम पर नहीं आने को कहा गया। अब फिर से पंद्रह अगस्त तक का समय दिया गया है।

डाक संभाग में आउट साइडर कर्मचारी की संख्या साठ है। इसमें से बीस बिलासपुर मुख्यालय में कार्यरत हैं। भारतीय डाक विभाग कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। सालों से नियमित पदों पर भर्ती नहीं हो रही है। इसलिए दैनिक वेतनभोगी और आउट साइडर कर्मचारियों से काम चलाना पड़ रहा है। केंद्र सरकार ने आयकर, बीएसएनएल और डाक विभाग दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का फंड देना बंद कर दिया है। इसके बाद भी उनको रखने पर लगातार आडिट आब्जेक्शन आ रहा है।

इसलिए मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल छत्तीसगढ़ परिमंडल ने एक आदेश जारी कर सभी संभागीय अधीक्षकों को पहले एक अगस्त दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को काम पर नहीं रखने का आदेश दिया गया है। इसके बाद पंद्रह अगस्त तक उनको बाहर करने को कहा गया है। कर्मचारियों के बाहर जाने पर विभाग के कई काम प्रभवित होंगे। इसलिए अभी बाहर नहीं किए गए हैं। सर्किल कार्यालय को समस्या से अवगत करा दिया गया है। वहां से फिलहाल कोई आदेश नहीं आया है।

फिर से होगी भर्ती

डाक विभाग में अत्यंत आवश्यक होने पर जैम से निविदा प्रक्रिया के माध्यम से आउट सोर्सिंग कर्मचारियों को लेने को कहा गया है। वहां से मिलने वाले कर्मचारी कार्यरत दैवेभो की तरह काम में दक्ष नहीं होंगे। इसलिए काम बाधित होना तय हैं। संभाग में निर्णय फिलहाल लटका है। वहीं दुर्ग और रायपुर में दैवेभो को काम से निकालने की खबर आ रही है। साथ ही उनको बाहर करने पर ग्रामीण डाक घरों में कार्यरत ग्रामीण डाक सेवकों को शहर में लाकर काम लेने को कहा जा रहा है। इसके एवज में उनको पोस्टमैन के बराबर वेतन दिए जाएगा

Posted By: Yogeshwar Sharma

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