बिलासपुर।Kanan Zoo News: कानन पेंडारी जू पहुंचे पर्यटकों को भीगना पड़ता है। यह समस्या मुख्य द्वार से ही शुरू हो जाती है। दरअसल जहां पर टिकट काउंटर है। वहां अब तक शेड नहीं लगा है। प्रवेश करने के बाद समस्या और बढ़ जाती है। जू परिसर में गिनती के पर्यटक पैगाड़ा है। इसकी क्षमता भी इतनी अधिक नहीं है कि सारे पर्यटक बारिश से बच सके। इस समस्या को लेकर जू प्रबंधन आज तक ध्यान नहीं दिया। कोरोना संक्रमण कम होने के बाद अब धीरे- धीरे जू में पर्यटकों की संख्या बढ़ने लगी है। अवकाश के दिन तो संख्या तीन हजार के पार रहती है। पर्यटकों में जू घूमने का उत्साह भी दिखता है। पर बारिश होने पर उत्साह मायूसी में बदल जाती है।

इसकी वजह छावनी की कमी है। बच्चों के साथ पहुंचे पर्यटकों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। इसे लेकर कई बार पर्यटक जू प्रबंधन को शिकायत कर चुके हैं। पर जू प्रबंधन है कि इस ओर ध्यान ही नहीं देता। हालांकि जू प्रबंधन का कहना है कि जितने पैगोड़े हैं वह पर्याप्त है।

बारिश होने पर पर्यटकों को दिक्कत नहीं होती। पर हकीकत का पता तभी चलता है जब बारिश होती है। पर्यटक इधर- उधर दौड़ते नजर आते हैं। कुछ पैगोड़े की हालत तो इतनी जर्जर है कि उसके नीचे खड़े होने पर भी पर्यटक भीग जाते हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें आधे बीच में ही घर लौटना पड़ता है।

दरअसल यह पैगोड़ा घास व पैरे से बनाए गए हैं। जिसकी वजह से पानी नहीं रूकता और नीचे बैठे पर्यटकों के ऊपर टपकने लगता है। यह समस्या सालभर से हैं। नए पैगोड़ा निर्माण तो दूर पुराने की मरम्मत कराने में भी जू प्रबंधन ध्यान नहीं दे रहा है।

Posted By: anil.kurrey

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