बिलासपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नईदुनिया के अभियान आओ फिर जलाएं कंडे की होली को शहरवासियों का साथ मिल रहा है। सभी इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और आपने आसपास के लोगों को कंडे की उपयोगिता और वैज्ञानिक व धार्मिक महत्व बता रहे हैं। वहीं कंडे की होलिका बनाने प्रेरित कर रहे हैं। उनका कहना है कि कंडे ही होली जलाएं, इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ही वायरस भी खत्म होंगे। साथ ही स्वच्छता का भी संदेश मिलेगा।

इसी कड़ी में सुधीर मुलकलवार का कहना है कि होली में कंडे का उपयोग करना चाहिए। लकड़ी और कचरे को डालने से परहेज करना चाहिए। पर्यावरण के लिए लकड़ी का धुआं नुकसानदायक होता है। साथ ही पेड़ भी कम हो जाते हैं। लोग बड़ी से बड़ी होलिका बनाने के लिए बिना विचारे कई पेड़ काट देते हैं। वहीं आसपास का कचरा और प्लास्टिक भी डाल देते हैं। इससे पवित्रता व धार्मिक भावना तो आहत होती है। साथ ही पर्यावरण को हम अनजाने ही नुकसान पहुंचाते हैं।

गौरी शंकर श्रीवास ने कहा कि नईदुनिया सरोकार हमेशा ही समाज को प्रेरित करने वाला होता है। पेड़ों की उपयोगिता को समझते हुए हमें प्रकृति का संतुलन बनाने उनका संरक्षण करना होगा। साथ ही गौ माता के संवर्धन की दिशा में कंडों की उपयोगिता को समझते हुए काम करना होगा। गाय का गोबर पवित्र माना जाता है। इस वजह से हर शुभ कार्य में गोबर का उपयोग होता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए पर्व की पवित्रता का ख्याल रखते हुए होलिका बनाने में गोबर से बने कंडों का उपयोग करना होगा। नईदुनिया के अभियान के साथ जुड़कर कंडे की होली जलाएंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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