बिलासपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नईदुनिया के अभियान आओ फिर जलाएं कंडे की होली को शहरवासियों का साथ मिल रहा है। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं आगे आ रही हैं और कंडे की होली के लिए संकल्प ले रही हैं। उनका कहना है कि यह अभियान एक सराहनीय पहल है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ही गौ संवर्धन भी होगा।

गाय के गोबर का उपयोग विशेष रूप से हिन्दू धर्म में होने वाले सभी संस्कारों और हवन-पूजन में होता है। ऐसे में होली जैसे पवित्र त्योहार की शुरुआत होलिका दहन के साथ होती है। इसमें कंडे के उपयोग से पवित्रता का अनुभव होता है। इसी कड़ी में महिलाओं का कहना है कि हमें पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए पेड़ों के महत्व को समझना होगा। साथ ही उनकी सुरक्षा की दिशा में भी कदम उठाना होगा। आपसी समझ के साथ ही पर्व की खुशियों को प्रकृति का संतुलन बनाए रखते हुए मना सकते हैं। गौ माता के संवर्धन के लिए कंडों का उपयोग कारगर है। इससे गौशालाओं में कंडे के नाम से अतिरिक्त आय होगी। साथ ही स्वच्छता भी होगी। उनका कहना है कि पर्व की खुशी में हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि प्रकृति के प्रति भी हमारी जिम्मेदारी है। साथ गौमाता के प्रति भी कर्तव्य है। कंडों के उपयोग से आने वाली पीढ़ी गौमाता के महत्व को समझेगी। गाय का गोबर पवित्र माना जाता है। इस वजह से हर शुभ कार्य में गोबर का उपयोग होता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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