बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व विभाग संघचालक काशीनाथ यशवंत गोरे का शनिवार को शाम चार बजे निधन हो गया। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभिन्न् पदों पर रहे। संघ के अलावा सहयोगी संगठनों के मार्गदर्शक मंडल में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्व. गोरे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। तबीयत बिगड़ने के कारण शहर के प्रथम अस्पताल में स्वजनों ने भर्ती किया था। जहां शाम चार बजे अंतिम सांस ली। अंतिम यात्रा रविवार को सुबह 11 बजे टिकरापारा स्थित निवास स्थान से निकलेगी।

स्व. गोरे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में एक कुशल संगठनकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। नगर के अलावा जिले के विभिन्न् ग्रामीण अंचलों में संघ की शाखाओं का विस्तार और स्वयंसेवकों की अच्छी टीम तैयार करने में उनकी अहम भूमिका रही है। वर्ष 1970 के दशक में अविभाजित मध्य प्रदेश के दौर में संघ के संगठनात्मक कामकाज के लिए बिलासपुर विभाग का एक अलग पहचान थी। संघ के संगठनात्मक बैठकों में बिलासपुर विभाग की बड़े पदाधिकारी सार्वजनिक रूप से तारीफ किया करते थे। कुशल संगठनकर्ता के रूप में आला पदाधिकारियों के बीच स्व. गोरे ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई थी। बिलासपुर विभाग में संघ की शाखाओं का विस्तार कार्य को स्व. गोरे की कार्यक्षमता के रूप में देखा जाता था। उस दौर में विभाग में संघ की शाखाओं के साथ ही संगठन का जो विस्तार हुआ उसे एक स्वर्णिम दौर के रूप में याद किया जाता है।

बिलासपुर विभाग की एक अलग पहचान पदाधिकारियों के बीच बनी। सरकारी सेवा में रहने के बाद भी संघ के कामकाज में कभी ढिलाई नहीं बरती। शासकीय सेवा में रहते विरोधी दल की सरकार होने के बाद वे संगठन के कामकाज को महत्व दिया करते थे। संघ कार्य और विस्तार के लिए उनके मन में योजनाएं चलती रहती थीं। योजनाओं को बेहद गंभीरता और सहजता के साथ अंजाम भी दिया करते थे।

महत्वपूर्ण दायित्वों का किया निर्वहनः स्व. गोरे संघ के महत्वपूर्ण पदों पर काबिज रहेे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत व्यवस्था प्रमुख, विभाग संघचालक, विभाग व्यवस्था विभाग सेवा प्रमुख, विभाग कार्यवाह, विभाग संघचालक के महत्वपूर्ण दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया। संघ के अलावा सेवा भारती, सरस्वती शिशु मंदिर के सदस्य की भूमिका भी निभाई। संघ के विभिन्न् सहयोगी संगठनों के मार्गदर्शक मंडल में रहते हुए अपने अनुभवों का लाभ दिया।

Posted By: anil.kurrey

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