कोरबा।Korba News: राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) से मूल्यांकन की प्रक्रिया के माध्यम से आंकलन से गुजरने एक बार फिर तैयारी कर ली गई है। जिले में तीन कालेज नैक मूल्यांकन कराएंगे और पहली बार तीनों ही संस्थाएं शासकीय हैं।

इनमें शासकीय पीजी कालेज तीसरे तो मिनीमाता कन्या व भैसमा कालेज दूसरे चक्र में इस प्रक्रिया में शामिल होने जा रहे हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से मिलने वाले अनुदान की प्राप्ति व अन्य फंडिंग के लिए कालेजों को नैक मूल्यांकन कराना अनिवार्य है। इसके लिए जिले के सभी शासकीय कालेजों को प्राथमिकता में लिया गया है।

अमूल्यांकित संस्थाओं और पूर्व में ग्रेडिंग प्राप्त कालेज में नैक मूल्यांकन संबंधी तैयारी व समस्याओं के निराकरण के लिए निगरानी कर रही राज्य गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। पहली कडी में जिले की अग्रणी संस्था शासकीय ईवीपीजी कालेज को छह माह बाद तीसरे चक्र के मूल्यांकन प्रक्रिया से गुजरना है, जिसकी तैयारी की जा रही है। यह कालेज बी डबल प्लस ग्रेड प्राप्त है।

कालेज प्रबंधन अपनी ग्रेडिंग बढ़ाने के लिए अक्टूबर या नवंबर में होने वाले नैक मूल्यांकन के लिए जुटा हुआ है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जिले के सभी शासकीय कालेजों को नैक मूल्यांकन के लिए विशेष तैयारी कराई जा रही है। राज्य गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ ने मूल्यांकन के निर्देश पर चिन्हित कालेजों ने शुल्क जमा कर आवेदन प्रस्तुत कर दिया है।

कालेज में ग्रेडिंग प्राप्त करने या पूर्व की ग्रेडिंग बढ़ाने या पहली बार मूल्यांकन के माध्यम से ग्रेड हासिल करने के लिए संस्था की गुणवत्ता, सुविधा व संसाधनों पर निर्धारित सभी सात बिंदुओं में तैयारी पर फोकस कर तैयारी की जा रही है।

नैक मूल्यांकन से होने वाले फायदों पर गौर करें तो ग्रेडिंग प्राप्त कालेजों के विकास कार्यों में तेजी आएगी। मूल्यांकन के पश्चात यदि कालेज को अच्छी ग्रेड मिल जाती है तो वहां हर फैक्ल्टी के विकास के लिए ज्यादा से ज्यादा फंड आएंगे। इस कारण विद्यार्थियों को क्वालिटी एजुकेशन में बहुत फायदा पहुंचेगा।

विश्वविद्यालय की समिति कर रही निगरानी

वर्तमान में राष्ट्रीय मूल्यांकन व प्रत्यायन परिषद की तैयारियों के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर बनी समिति कालेजों की तैयारियों की जानकारी लगातार ले रही है। अक्टूबर में मूल्यांकन करने के नैक टीम आएगी। मूल्यांकन के जरूर बिंदुओं पर तैयारी चल रही है।

जिले के अमूल्यांकित सभी शासकीय कालेजों को नैक मूल्यांकन में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के तीन सदस्यीय दल अमूल्यांकित कालेजों को खेल मैदान, सभी विभागों के कार्यालय, वाहन स्टैंड, भवन, लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास, गार्डन आदि काे व्यवस्थित कर उनकी रिपोर्टिंग से संबंधित मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

आइआइक्यूए तैयार कर किया गया प्रस्तुत

नैक मूल्यांकन की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए एक निर्धारित शुल्क के साथ आवेदन करना होता है। इसके साथ ही अमूल्यांकित कालेजों को अपनी संस्था के संबंध में आइआइक्यूए (गुणवत्ता मूल्यांकन के लिए संस्थागत जानकारी) रिपोर्ट भी प्रस्तुत करना होता है।

यह प्रक्रिया पूर्ण कर दो कालेजों ने अपनी संस्था में उपलब्ध सुविधा और संसाधनों की जानकारी लिखते हुए एक शुल्क जमा किया है। इस रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद राज्य की टीम आवेदन आगे भेजती है और सब कुछ सही पाए जाने पर और मापदंडों पर खरा होने पर राष्ट्रीय टीम की कार्रवाई शुरू होती है।

Posted By: anil.kurrey

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