बिलासपुर। Bilaspur News: कोरोनाकाल में खासकर शासकीय स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की स्थिति को काफी प्रभावित किया। ऐसे में गांव के बच्चों के प्रति चिंतित होेने की बजाय एक शिक्षिका ने उन्हें अपने स्कूल से जोड़े रखने कमर कस ली।

उन्होंने खुद घर पर कड़ी मेहनत कर 70 नग मास्क बनाए। गांव के पालकों से संपर्क कर उनके घर के किशोर छात्र-छात्राओं को मोहल्ला कक्षा लेने प्रेरित किया। इस तरह उन्होंने अपने क्षेत्र में शिक्षा की धारा सतत प्रभावित रखने अनुकरणीय कार्य किया।

अपने कार्यों से दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन रही यह शिक्षिका सुषमा साहू है और शासकीय प्राइमरी स्कूल सुतर्रा में सहायक शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। महामारी संक्रमण की रोकथाम के लिए मार्च से सभी स्कूल-कालेज बंद हो गए। लाकडाउन होने से पढाई के साथ वार्षिक परीक्षा के बारे में अनिश्चितता की स्थिति निर्मित थी।

सुतर्रा की सहायक शिक्षिका सुषमा ने इस वातावरण में भी बच्चों को अध्यापन कार्य से जोड़ने के लिए प्रधान पाठक एमएल पटेल व पालकों से सलाह कर उनके मोहल्ले में ही बैठक ली। मास्क और सैनिटाइजर दूरस्थ उपलब्ध नहीं हो पाया तो वहां साबुन और बाल्टी की व्यवस्था कर बार-बार हाथ धुलाई व शारीरिक दूरी का नियम बच्चों की आदत में शामिल कराया।

इस बीच सुतर्रा के दुगुपारा, पेट्रोल पंप, खाले पारा के पालकों से संपर्क कर तीनों मोहल्ले में कक्षा संचालन पर सहमति बनाई। पेट्रोल पंप से छठ कुमारी, दुगुपरा से मनीषा और खालेपारा से सावन समार व नीलम छोटे बच्चों के लिए कक्षा संचालन को तैयार हुए।

वाट्सएप ग्रुप पर प्रतिदिन की गतिविधि

तीनों मोहल्ला कक्षाओं के लिए श्यामपट चार्ट, डस्टर, चाक, साबुन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इतना ही नहीं, बच्चों के लिए 70 नग मास्क शिक्षिका ने स्वयं तैयार किए। इस तरह कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन करते हुए हर शाम पांच से सात बजे कक्षा संचालन शुरू हो गया।

प्रधान पाठक पटेल ने अपने स्कूल के सभी बच्चों का नंबर लेकर वाट्सअप ग्रुप बनाया, जिसमें प्रतिदिन की गतिविधि पोस्ट की जाती है। इस प्रकार यह कक्षाएं उनके मार्गदर्शन में अब भी निरंतर जारी की जा रही है।

सीजी स्कूल में 19 सामग्री अपलोड, सात चयनित

कोरोनाकाल की मुश्किलों से शिक्षा को प्रभावित होने से रोकने शासन ने सीजी स्कूल डाट इन की शुरुआत की, जिसमें सुषमा साहू ने 19 सामग्री अपलोड की। उनकी अपलोड की गई सामग्री में सात वीडियो स्वीकृत हुए। नई तकनीक होने के बावजूद दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों ने आनलाइन कक्षाएं लेना सीखा एवं सफलतापूर्वक इन कक्षाओं का संचालन भी किया।

प्रतिदिन टेलीग्राम ग्रुप से क्लास का लिंक बच्चो को भेजा जाता और उन्हें आनलाइन कक्षा में जुड़ना सिखाया गया। बच्चों के पालक काम पर मोबाइल ले जाते थे, शिक्षिका ने सुबह व शाम के समय कक्षाओं का संचालन किया।

अब तक 226 कक्षा, 2548 बच्चे उपस्थित

अभी तक सुषमा ने 226 आनलाइन क्लास का संचालन किया है, जिसमें 2548 बच्चों की उपस्थिति दर्ज हुई है। अन्य जिलों के बच्चे भी सुषमा साहू की कक्षा में जुड़ते है। जिला शिक्षा अधिकारी सतीश पांडेय के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षक विकट परिस्थितियों में भी कक्षाओं का संचालन कुशलतापूर्वक कर रहे।

सुषमा ने अपनी सफलता के लिए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिंधिया की प्राचार्य संगीता साव, एमएल पटेल, गुलाब दास महंत को आभार दिया, जिन्होंने आगे बढ़ने के लिए सतत प्रेरित किया।

Posted By: sandeep.yadav

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