बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

सुरक्षित व आरामदायक एलएचबी कोच (लिंक हाफमेन बुश ) में सफर करना महिला व दिव्यांग यात्रियों के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है। इसकी डिजाइन में इन दोनों श्रेणी के यात्रियों को अलग कर दिया गया है। पुराने कोचों की तरह इनके लिए आरक्षित कोच ही नहीं है। इसके चलते उन्हें परेशानी हो रही है।

भारतीय रेलवे ने सभी ट्रेनों को एलएचबी कोच से ही चलाने का निर्णय लिया है। धीरे- धीरे ट्रेनों से पुराने कोच हटाए भी जा रहे हैं। भारत में जर्मनी से लाए गए इस कोच की फैक्टरी कपूरथला में हैं। सफर के दौरान यात्रियों आराम मिलता है। साथ ही खुद को सुरक्षित भी महसूस करते हैं। लेकिन यह अनुभव उन यात्रियों को होता है जो रिजर्वेशन कराकर चलते हैं। इनमें महिला व दिव्यांग यात्री भी शामिल है। लेकिन यही यात्री यदि एलएचबी कोच से चलने वाली ट्रेनों में कम दूरी के लिए बिना रिजर्वेशन कराए सफर करें तो उन्हें परेशानी ही होती है। दरअसल इस श्रेणी के यात्रियों के लिए अलग से आरक्षित कोच ही नहीं है। जबकि पुराने कोच में इनके लिए अलग से कोच की व्यवस्था है। साथ ही उसमें बकायदा नाम भी लिखा होता है। एलएचबी कोच की डिजाइन कुछ इस तरह की गई है कि एसएलआर (पार्सल बोगी) के साथ जनरेटर व गार्ड केबिन को मिलाकर एक कोच बनाया गया है। जबकि पुराने में पार्सल बोगी के साथ- साथ महिला व दिव्यांगों के लिए अलग कोच रहता है। ऐसे में इन यात्रियों को जनरल कोच में धक्का खाते हुए सफर करनी पड़ती है। यह समस्या अकेले दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन की एलएचबी ट्रेनों की नहीं है। बल्कि सभी जोन, जहां इस विशेष कोच के साथ ट्रेनें चलती हैं, उन सभी जगहों पर यह दिक्कत आ रही है।

आरपीएफ को दिया गया है कार्रवाई का अधिकार

आरक्षित कोच में केवल महिला व दिव्यांग यात्री ही सफर कर सकते हैं। जो पात्र नहीं है उन्हें इसमें प्रवेश का अधिकार नहीं है। इन्हें रोकने और कार्रवाई करने का अधिकार आरपीएफ को दिया गया है। समय- समय आरपीएफ अभियान चलाकर रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई करती है। लेकिन एलएचबी कोच में इस श्रेणी के यात्रियों के लिए अलग से कोच ही नहीं है। इसलिए वह जांच ही नहीं करती।

एलएचबी कोच से चलने वाली कुछ ट्रेनें

0 बिलासपुर- भगत की कोठी

0 बिलासपुर - बीकानेर एक्सप्रेस

0 बिलासपुर- नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस

0 दुर्ग- निजामुद्दीन संपर्कक्रांति एक्सप्रेस

0 दुर्ग- निजामुद्दीन हमसफर एक्सप्रेस

0 दुर्ग - जम्मूतवी साप्ताहिक एक्सप्रेस

0 वेनगंगा एक्सप्रेस

0 कामाख्या एक्सप्रेस

0 ज्ञानेश्वर सुपरडीलक्स

इस दिव्यांग यात्री ने उठाई आवाज

रेलवे की इस कमी को लेकर एक दिव्यांग यात्री ने आवाज उठाई है। श्याम बाजार बलौदा जिला जांजगीर निवासी मनोज कुमार सोनी को पिछले दिनों संपर्कक्रांति एक्सप्रेस में सफर के दौरान आरक्षित कोच के अभाव में दिक्कत हुई। उनका कहना है कि रेल डिब्बे में बदलाव के कारण अधिकांश ट्रेनों से दिव्यांग कोच को हटा दिए गए हैं। इसके कारण उन्हें परेशानी हो रही है। उन्होंने एक शिकायत कर रेल प्रशासन से मांग की एलएचबी कोच में दिव्यांगों के लिए अलग कोच है। साथ ही उसका अलग रंग हो। जिससे की यात्रा के दौरान परेशानी न हो।

एलएचबी कोच सुरक्षित के साथ आरामदायक है। यह जरूर है कि इसके एसएलआर के स्ट्रक्चर में परिवर्तन हुआ है। इसके चलते अलग से दिव्यांग कोच की सुविधा नहीं मिल पा रही है। भविष्य में दिव्यांग यात्रियों को यह सुविधा मिलेगी या नहीं। इस पर अभी कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है।

डॉ. प्रकाशचंद्र त्रिपाठी

सीपीआरओ, दपूमरे जोन